
नौकरी व ठेका दिलाने के नाम बिहार के दो भाइयों ने फर्जी रेलवे का अधिकारी बन की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज
दोनों भाइयों ने एक से डेढ़ तो दूसरे से 10 लाख की ठगी
एक को एडीआरएम तो दूसरे को सीनियर सेक्शन इंजीनियर मुगलसराय बताया
बलिया। शहर कोतवाली पुलिस ने बिहार के दो भाइयों पर रेलवे का अधिकारी बन कर ठेका व नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में पीड़ित के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई आरम्भ कर दिया है।

बता दे कि यूपी के प्रयागराज सांरगपुर निवासी प्रभाकर तिवारी ने शहर कोतवाली में दिए तहरीर में आरोप लगाया है कि रिश्तेदारी में आयोजित एक शादी समारोह में राजीव रंजन मिश्रा निवासी कपसिया थाना कोचस जिला रोहतास बिहार मिला। उसने स्वयं को एडीआरएम मुगलसराय बताया था तथा अपने भाई आशुतोष कुमार मिश्रा को रेलवे में रेल ड्राइवर बताया करता था। दिसम्बर 2023 में राजीव रंजन मिश्रा और उसका भाई आशुतोष मुझसे बात किया और कहे कि डेढ़ लाख रुपये खर्च करिए तो आपको हम दोनों भाई रेलवे में स्कैप का ठेका दिलवा देंगे। मैं इन दोनों के जालसाजी को समझ नहीं सका और राजीव रंजन मिश्रा के खाते में 26 दिसम्बर को डेढ़ लाख रुपया भेज दिया। इसके अलावा वह मेरी गाड़ी को रेलवे में लगवाने के नाम पर तीन माह तक रखा। जब पता चला कि दोनों मेरे साथ फ्राड किए है और जो आईडी दिखाया है वह फर्जी है। इसके बाद मैंने अपना पैसा मांगा तो उन्होंने 10 अक्टूबर को बलिया ओवर ब्रीज के पास बुलाया, वहां कुछ देर बात करने के बाद जान से मारने की धमकी देने लगे। इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित के तहरीर के आधार पर दोनों के विरुद्ध संबंधीत धाराओं में मुकदमा दर्ज जांच पड़ताल शुरू कर दिया है। उधर सिगरा वाराणसी में उप निरीक्षक ने पुलिस को दी तहरीर में
कहा कि राजीव रंजन मिश्र से कैंट थाना पर मुलाकात हुई। जिसने स्वयं को सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर मुगलसराय तैनात होना बताया। जिसने बेटे को नौकरी दिलवाने के बहाने 10 लाख रुपया ठगने का आरोप लगाया। इस बाबत शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।