
यूपी बजट 2026-27: शिक्षकों के लिए “मायाजाल”, पुरानी पेंशन और जूनियर हाईस्कूल पर चुप्पी: सुशील
बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने बजट को “आंकड़ों का मायाजाल” बताते हुए कहा कि इसमें धरातल पर काम करने वाले शिक्षकों के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।


कहा कि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के सशक्तिकरण जैसी महत्वपूर्ण मांगों को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस बजट में शिक्षक-कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा (पुरानी पेंशन) और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई ठोस प्रावधान न हो, उसे जनकल्याणकारी बजट नहीं माना जा सकता। आरोप लगाया कि यह बजट केवल प्रचार आधारित है, परिणाम आधारित नहीं। बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की जमीनी जरूरतों—शिक्षकों की सुविधाएं, संसाधन, विद्यालयों की स्थिति और कर्मचारियों के भविष्य—पर सरकार की प्राथमिकता दिखाई नहीं दे रही है। संघ के प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में इस पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। साथ ही सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों की स्थिति मजबूत करने, संसाधन उपलब्ध कराने और उन्हें सशक्त बनाने की मांग भी अनदेखी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और शिक्षक के बिना किसी भी विकास का दावा खोखला है। यदि सरकार वास्तव में प्रदेश के भविष्य को मजबूत करना चाहती है तो उसे शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के लिए स्पष्ट, ठोस और परिणाम देने वाले प्रावधान करने होंगे।