
राशन के चावल में प्लास्टिक के चावल मिश्रण की फैली अफवाह
क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक ने कहा प्लास्टिक नहीं, फोर्टिफाइड चावल है

चावल पूरी तरह स्वास्थ्य मानकों पर खरा और विटामिन से भरपूर
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बलिया। सोमवार की सुबह बांसडीह क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में सरकारी राशन की दुकान से कार्डधारकों के मिले चावल कुछ अलग तरह के दिखाई दिये जो प्लास्टिक के चावल के दाने की तरह बताई गई। इसके बाद इस खबर के फैलते ही ग्रामीण सशंकित हो उठे। सभी अपने अपने हिस्से के मिले चावलों की छानबीन करने लगे। पूरे गांव में अफवाह फैल गयी कि राशन की दुकान से मिलने वाले चावल में प्लास्टिक के चावलों का मिश्रण है। जिसे खाने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ सकती है। इस दौरान कई लोगों ने चावलों के उन दानों की फोटो भी खींच ली और सोशल मीडिया पर यह कहकर डालने लगे कि हमारे गांव में राशन की दुकान से मिले चावलों में प्लास्टिक के चावलों के दाने मिले हुए है। देर तक चली बहसबाजी के बाद इस संबंध में क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक दिलीप सिंह से इसकी शिकायत की गयी। जिसपर उनके द्वारा बताया गया कि यह फोर्टिफाइड चावल है। जो विटामिन से भरपूर व स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर है। इसमें प्लास्टिक जैसा कोई तत्व नही हैं और यह चावल पूरी तरह स्वास्थ्य मानकों पर खरा है। पूर्ति निरीक्षक के बातों को कोटेदारों द्वारा ग्रामीणों को बताया गया। तब जाकर ग्रामीण कुछ शांत हुए, लेकिन अभी भी चावल के उन दानों को ग्रामीण शंका भरी नजरों देख रहें हैं। फोर्टीफाइड चावल बनाने के लिए सबसे पहले सामान्य चावल का पाउडर बनाया जाता है। उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे विटामिन एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार मिलाए जाते हैं। एक्सट्रेडर मशीन से चावल के दानों या एफआरके के एक दाने को सामान्य चावल के 100 दानों के अनुपात में मिलाया जाता है। यह लोगों की खुराक में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण के नियंत्रण में काफी मददगार है।













