
*सेनानियों व उत्तराधिकारियों का बांसडीह में किया गया स्वागत*
*बलिया का इतिहास देश में स्वर्णाक्षरों में अंकित है: रामविचार*
बलिया। प्रत्येक वर्ष परंपरा के अनुसार बलिया से बैरिया होते हुए सेनानियों व उतराधिकारियों का दल वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडेय के नेतृत्व में 18 अगस्त (रविवार) को बांसडीह कचहरी चौराहे पर पहुंचा। जहां प्रशासन की ओर से एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ प्रभात कुमार, चेयरमैन सुनील कुमार सिंह बब्लू व कोतवाल संजय सिंह ने माला पहनाकर स्वागत किया। सेनानी तथा उनके आश्रितों ने ब्लाक में सेनानी स्मारक, सप्तर्षि द्वार , रामदहिन ओझा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
बांसडीह डाक-बंगला में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पाण्डेय ने कहा कि आज के दिन शहीदों को श्रद्धांजलि देने आता रहा हूं।बलिया का इतिहास देश में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं। देश में बांसडीह सर्वप्रथम आजाद होने वाला जनपद हैं। हम सब लोगों ने मिलकर देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। आज सेनानियों के बल पर ही हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। बांसडीह के प्रथम शहीद पं रामदहीन ओझा व तहसीलदार गजाधर शर्मा का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। इतिहास के पन्नो में स्वर्णाक्षरों में लिखा गया हैं। चेयरमैन सुनील कुमार सिंह ने राम विचार पाण्डेय के साथ सभी सेनानी आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ प्रभात कुमार, चेयरमैन सुनील कुमार सिंह बब्लू, प्रतुल ओझा द्विजेन्द्र कुमार मिश्र,विनय पाण्डेय,संतोष शुक्ल, अवनीश पाण्डेय,डा विनोद सिंह राकेशमिश्र,,चंदनगुप्ता,मेहींलाल ,दीवान ,बसंत सिंह,श्रीराम ,राकेश सिंह,मुन्जी गोंड़ आदि थे।








