
एआई से नाबालिग छात्रा की अश्लील तस्वीर बनाकर वायरल करने वाले आरोपी को 25 साल की सजा
पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला, 55 हजार रुपये का लगाया जुर्माना



बलिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा की अश्लील तस्वीर तैयार कर उसे व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



पुलिस के अनुसार, भीमपुरा थाना क्षेत्र के देवलवीर गांव निवासी संजीत कुमार पुत्र श्याम नारायण एक स्कूल से अनुबंधित वाहन चलाता था। उसी वाहन से कक्षा आठ की छात्रा स्कूल आती-जाती थी। आरोप था कि वाहन चालक ने इसी का फायदा उठाकर छात्रा की एआई से अश्लील तस्वीर तैयार की और उसे व्हाट्सएप के जरिए भेजने लगा। इतना ही नहीं, अपने अन्य मित्रों से भी तस्वीर भेजवाने लगा। विरोध करने पर छात्रा को धमकी भी दी जा रही थी। इस मामले में छात्रा के पिता ने सात मई 2025 को भीमपुरा थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं, भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इस मामले में सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार और अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।