
बैरिया बलिदान दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, शहीद स्मारक पर गूंजे देशभक्ति के नारे
बलिया। बैरिया के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम और अमर क्रांतिकारियों की शहादत की स्मृति में सोमवार को बैरिया बलिदान दिवस श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। बैरिया थाने के समीप स्थित शहीद स्मारक पर सुबह प्राचीन परंपरा के अनुसार थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में आचार्य एवं विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन कराया। इसके बाद शहीदों को चादर और पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू हुआ।


सुबह से ही शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा। स्मारक परिसर से लेकर आसपास का क्षेत्र देशभक्ति के नारों और तिरंगे से पट गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, पूर्व एवं वर्तमान सांसद-विधायक, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, पूर्व सैनिक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने पहुंचकर अमर शहीदों को नमन किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, बलिया के सपा सांसद सनातन पांडेय, बैरिया के सपा विधायक जयप्रकाश अंचल सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता पहुंचे। पूर्व सांसद भरत सिंह और भाजपा नेत्री विजय लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और युवतियां हाथों में तिरंगा लेकर बैरिया मोड़ से पैदल शहीद स्मारक तक पहुंचे। रानीगंज की ओर से ब्लॉक प्रमुख बैरिया राकेश सिंह की पत्नी मधु सिंह, बैरिया नगर पंचायत प्रतिनिधि एवं युवा नेता मनटन वर्मा तथा भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी बबलू अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। वहीं बैरिया के पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लालगंज से देवराज ब्रह्म मोड़ तक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ दिखाई दी। उनके साथ फेफना के पूर्व मंत्री एवं विधायक उपेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे।

नेताओं और समर्थकों के जुलूस के कारण देवराज ब्रह्म मोड़ से शहीद स्मारक तक सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ बड़ी संख्या में लोग पैदल भी पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई घंटे दोनों तरफ का आवागमन प्रभावित रहा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग लगातार शहीद स्मारक पहुंचते रहे। पूरे मार्ग पर हाथों में तिरंगा लिए महिला, पुरुष, युवा और बच्चे नजर आए। इससे बैरिया का माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर रहा।

2027 के चुनाव की भी दिखी झलक
बलिदान दिवस के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राजनीतिक दलों और नेताओं के शक्ति प्रदर्शन की भी झलक देखने को मिली। अलग-अलग दलों के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की चर्चा आम लोगों के बीच रही। लोगों का कहना था कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी ताकत का प्रदर्शन भी किया। वक्ताओं ने कहा कि बैरिया बलिदान दिवस केवल स्मृति दिवस नहीं, बल्कि उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है जब स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस धरती के वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के बलिदान से परिचित कराने तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। दिनभर शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। छात्र-छात्राओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बना दिया। लोगों ने पुष्प अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया और देश की आजादी के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।