
कोतवाली की लंबित विवेचनाओं पर एसपी सख्त, एक सप्ताह में सुधार नहीं तो तय होगी जिम्मेदारी
बलिया। अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को समय से न्याय दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शनिवार को कोतवाली थाने में लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की श्रेणीवार समीक्षा करते हुए विवेचकों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।



एसपी ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों, विशेषकर पॉक्सो एक्ट के मामलों में 60 दिनों के भीतर विवेचना पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना ठोस कारण के विवेचना लंबित पाए जाने पर संबंधित विवेचक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर एवं जघन्य अपराधों की 90 दिनों से अधिक लंबित विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। एसपी ने संबंधित क्षेत्राधिकारियों को इन मामलों की स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। फरार वांछित आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 84/85 के तहत कुर्की की कार्रवाई और इनाम घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया, ताकि निर्धारित समय में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जा सके।



एसपी ने विवेचकों को डिजिटल साक्ष्यों को समय से केस डायरी में शामिल करने और विवेचना की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी एक सप्ताह में लंबित विवेचनाओं की स्थिति में सुधार नहीं होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, क्षेत्राधिकारी नगर सतीश कुमार शर्मा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली प्रवीण कुमार सिंह समेत अन्य विवेचनाधिकारी मौजूद रहे।