
राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की दी गई जानकारी, निःशुल्क विधिक सहायता के लिए किया जागरूक
बलिया। तहसील बांसडीह सभागार में सोमवार को जनजातीय समुदाय के अधिकारों एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई।
सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण, भेदभाव अथवा अधिकारों के हनन की स्थिति में पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों से शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस दौरान 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जा सकता है। लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। तहसीलदार बांसडीह नितीन कुमार सिंह ने आमजन से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबित अथवा संभावित विवादों के निस्तारण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार रजनीश कुमार सिंह, बार एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह, पूर्व अध्यक्ष महेश प्रताप सिंह, भानू प्रताप सिंह, अधिवक्ता गोपाल मिश्र, अरविन्द कुमार पाण्डेय, पैरा लीगल वालंटियर्स विजय सिंह, प्रवीण चौबे, सत्येन्द्र पाठक, मुनिशंकर, मुरली मनोहर सहित वादकारी, जनजातीय समुदाय के लोग एवं अन्य लोग मौजूद रहे।