
तीन लोगों के एसटी प्रमाणपत्र जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने किया निरस्त
बलिया। जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने विकास खंड बेलहरी के ग्राम सोनवानी निवासी दीनानाथ कमकर, छोटू कमकर और आशा देवी के नाम से जारी खरवार (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं। समिति के निर्णय की अधिकृत प्रति 14 जुलाई 2026 को जारी की गई, जिससे मामला फिर चर्चा में आ गया है।
यह कार्रवाई सोनवानी निवासी दयाशंकर सिंह की शिकायत पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित लोगों ने कूटरचित तरीके से अनुसूचित जनजाति (खरवार) का जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। मामले की जांच तहसीलदार सदर से कराई गई, जिसमें विद्यालयों के अभिलेख, छात्रवृत्ति रजिस्टर, सेवा पुस्तिका, मनरेगा रिकॉर्ड, पेंशन सूची, न्यायालयीय अभिलेख तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
जांच में कई सरकारी अभिलेखों में संबंधित परिवार के सदस्यों की जाति कमकर दर्ज मिली। शिकायतकर्ता ने वर्ष 1907 के बलिया गजेटियर, पुराने राजस्व अभिलेख और जिलाधिकारी के पूर्व आदेशों का भी हवाला दिया। वहीं संबंधित पक्ष ने अपने पूर्वजों के झारखंड से विस्थापित होकर आने का दावा किया, लेकिन समिति के समक्ष इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सर्वसम्मति से दीनानाथ कमकर, छोटू कमकर और आशा देवी के नाम से जारी खरवार (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही दयाशंकर सिंह की 20 जनवरी 2025 की शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।
समिति की बैठक 15 अप्रैल 2026 को हुई थी, जबकि आदेश की प्रतिलिपि 14 जुलाई 2026 को प्रमुख सचिव समाज कल्याण, आयुक्त आजमगढ़ मंडल, जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित पक्षों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई।