
पत्रकारिता और समाजसेवा को समर्पित रणजीत सिंह का सफर
बलिया। बागी बलिया की धरती के अखार गांव में 20 सितंबर 1979 को जन्मे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रणजीत सिंह ने अपने जीवन के 47 वर्षों में पत्रकारिता और मानव सेवा को विशेष स्थान दिया है। सामान्य परिवार और सरकारी स्कूल से शुरू हुआ उनका सफर आज जनसरोकारों और जरूरतमंदों की सहायता तक पहुंच चुका है।



पत्रकारिता के माध्यम से गरीब, असहाय और पीड़ित लोगों की समस्याओं को आवाज देने वाले रणजीत सिंह का मानना है कि कलम की सार्थकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में है। इसी सोच के साथ वे ‘मदद संस्थान’ के महासचिव के रूप में जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों में सक्रिय हैं। इसके अलावा ‘मंगल पांडे विचार मंच’ के माध्यम से युवाओं में देशप्रेम और सामाजिक चेतना तथा ‘सेवा समिति अखार’ के जरिए जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों से जुड़े हैं। प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष के रूप में ग्रामीण पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाते हैं। समाजसेवा में योगदान के लिए वर्ष 2004 में तत्कालीन जिलाधिकारी एसपी दीक्षित ने उन्हें ‘जिला युवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया था। आज भी अखार स्थित मीडिया सेंटर से जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रणजीत सिंह का जीवन संदेश देता है कि सच्ची कलम, संवेदनशील हृदय और सेवा-भाव से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।