
जेएनसीयू में बिंदी एवं टोकरी निर्माण प्रशिक्षण, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मिला संदेश
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) में महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से जेएनसीयू फाउंडेशन एवं इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में बिंदी एवं टोकरी निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शुक्ल ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। कौशल आधारित प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार की आय बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जेएनसीयू फाउंडेशन की निदेशक डॉ. रूबी ने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य विश्वविद्यालय को समाज से जोड़ते हुए महिलाओं एवं युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बिंदी एवं टोकरी निर्माण जैसे प्रशिक्षण कम लागत में स्वरोजगार शुरू करने का बेहतर माध्यम हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण में बसंतपुर एवं नरही गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों श्रीमती अर्चना एवं अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों को बिंदी एवं टोकरी निर्माण की तकनीक, गुणवत्ता, पैकेजिंग तथा विपणन की व्यावहारिक जानकारी दी। महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान स्वयं उत्पाद तैयार कर कौशल का अभ्यास भी किया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने विश्वविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें नया हुनर सीखने और घर बैठे अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।