
गंगा के नीलामी पर केवट व मल्लाहों ने डीएम कार्यालय दिया धरना
गंगा नदी की हुई नीलामी को त्वरित की निरस्त करने की मांग
केवट व मल्लाहों ने सीएम को पाती भेज न्याय की लगाई गुहार
बलिया। जनपद में गंगा नदी के किनारे बसे केवट व मल्लाहों ने शुक्रवार को भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह उर्फ सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। तत्पश्चात जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप गंगा नदी की हुई नीलामी को अविलंब निरस्त करने की मांग की।


ज्ञापन में उल्लेख किया है कि गंगा नदी के किनारे पूरे प्रदेश में केवट व मल्लाह जाति के लोग निवास करते है। गंगा नदी एक वैदिक नदी है और हिन्दुओं के आस्था के साथ-साथ निषाद, केवट, मल्लाह का एक जीविका का साधन मत्स्य आखेट है। अनादि काल से इनके पूर्वज एवं परिवार के लोग गंगा नदी में नौका संचालन एवं मत्स्य शिकार करते चले आ रहे है। जिससे हम लोगों के परिवार का भरण-पोषरण होता रहा है। ये सभी लोग दिनांक 09 सितंबर 2025 एवं 09 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी के माध्यम से आपको अपनी मजबूरी को आपके संज्ञान में लाने का प्रयास किया था। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा गंगा नदी की नीलामी अवैध समिति के माध्यम से कराकर कुछ मत्स्य माफियाओं को दे दिया गया है। ये लोग आए दिन निषाद, केवट, मल्लाह मारते-पीटते व जाल को छीन लेते है। इस कृत्य से हमारे जनपद के गंगा नदी के किनारे निवास करने वाले मल्लाह, केवट, निषाद का परिवार सड़क पर आकर भूखों मरने पर मजबूर हो गया है। केवट, मल्लाह व निषाद के लोगों ने एक स्वर से कहा कि लाखों लोगों की जीविका व जीवन की रक्षा के लिए नीलामी प्रक्रिया जो गलत तरीके से चुपके से हुई है उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर रमेश बिंद, ध्रुपन साहनी, लुकुड़ साहनी, धनू साहनी, गंगासागर साहनी, गुलाब चंद्र निषाद, संदीप निषाद, अशोक निषाद, तेज नारायण निषाद समेत सैकड़ों महिला, पुरुष व बच्चे आदि रहे।