चेतक प्रतियोगिता में किसके सिर सजेगा ताज, तैयारी में जुटे घुड़सवार

Spread the love

चेतक प्रतियोगिता में किसके सिर सजेगा ताज, तैयारी में जुटे घुड़सवार

राकेट, बादल, तूफान, कल्लू राजा, साधु, बुलेट राजा पहुँचे नन्दीग्राम

18 नवंबर को आयोजित होगी चेतक प्रतियोगिता

Slide :

WhatsApp-Image-2024-03-14-at-8.02.26-AM
WhatsApp-Image-2024-03-14-at-8.02.28-AM
My-Fronrt-Baner-5-2048x1280
10
9
8
7
5
4
3
2
1
6
Shadow

बलिया। भृगु मुनि के शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर करीब एक माह तक चलने वाले ददरी मेला में विभिन्न प्रकार के होने वाले आयोजन चार चांद लगाते है। इनमें से एक ददरी मेला की चेतक प्रतियोगिता भी है। जिसका सिरमौर बनने के लिए जिले समेत कई प्रांतों के घोड़े ददरी के नंदीग्राम पशु मेला में जुटते है। हालांकि लम्पी बीमारी के कारण दो साल से चेतक प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हुआ, लेकिन इस बार ददरी के आंगन में चेतक प्रतियोगिता 18 नवंबर को आयोजित होना सुनिश्चित है।






जिसमें भाग लेने के लिए कई प्रांत के एक से बढ़कर एक आए घोड़े और उनके सवार अपनी तैयारियों को मूर्त रुप देने में जुट गए है। इनमें बिहार प्रांत के सोनपुर जिला निवासी कृष्णा यादव चेतक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ददरी मेला के नंदीग्राम पशु मेला में आए हुए है। इनके घोड़ों का नाम क्रमश: राकेट, तूफान व बादल है। उन्होंने बताया कि वह ददरी मेला में डेढ़ दशक से अधिक से आ रहे है। बताया कि वर्ष 2015 में ददरी मेला के चेतक प्रतियोगिता में गुजर नामक घोड़े लेकर आया था। जिसने प्रथम पुरस्कार जीता था। इसके बाद वर्ष 2016 में चेतक नामक घोड़े ने तीसरा स्थान प्राप्त किया था। वही वर्ष 2019 में बादल नामक घोड़ा तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा बिहार प्रांत के सेमरी निवासी डमडम राय का घोड़ा तथा बिहार प्रांत के बक्सर जिले के डुमरी निवासी मुन्ना सिंह का घोड़ा प्रतियोगिता में भाग लेने आया हुआ है। इसके साथ ही गाजीपुर जनपद के दिलदार नगर निवासी दयाशंकर प्रधान का घोड़ा कल्लू राजा और साधु प्रतियोगिता में भाग लेने आ चुका है। इसके अलावा बिहार प्रांत के झउवा निवासी हरेराम मुखिया का घोड़ा भी प्रतियोगिता में भाग लेने आ रहा है। ऐसे ही जनपद बलिया के धरहरा निवासी नितिश कुमार सिंह का देवा और बुलेट राजा भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पहुंच चुके है। इसके अलावा करीब एक दर्जन और घोड़े भी पहुंच रहे है। चेतक प्रतियोगिता में उम्दा प्रदर्शन के लिए प्रत्येक घुड़सवार घोड़ों को रिहसल कराना आरम्भ करा दिा है। अब देखना यह है कि 18 नवंबर को आयोजित चेतक प्रतियोगिता में किसके सिर ताज बंधता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *