
बलिया में यातायात माह का हुआ आगाज, SP ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना
रैली व पम्पलेट के माध्यम से किया गया जागरूक
संकल्प लें कि बिना हेलमेट के अपने अभिभावक, भाई- बहन को बाइक नहीं चलाने देंगे: एसपी
बलिया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी यातायात विभाग द्वारा शुक्रवार को यातायात माह का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसके पूर्व एसपी ने आरडी त्रिपाठी हाल आयोजित गोष्ठी को फीता काटकर कार्यक्रम को गति प्रदान किया और यातायात नियम पालन करने के लिए एसपी ने युवाओं को शपथ दिलाई।

रैली पुलिस लाइन से निकल कर कुंवर सिंह चौराहा, टीडी कालेज चौराहा होते हुए ओवर ब्रिज, जगदीशपुर चौराहा, पानी टंकी चौराहा, विशुनीपुर चौराहा, रेलवे स्टेशन होते हुए चित्तू पांडेय चौराहे पर जाकर समाप्त हो गया। इस दौरान लोगों में पंपलेट वितरण कर यातायात के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चलाया जाता है। जिसमें वाहन व बाइक चालकों को रैली, संगोष्ठी, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागृत किया जाता है और कार्रवाई भी की जाती है। बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी देखी जा रही है। यातायात माह में अभियान चलाने से 50 फीसदी से अधिक लोगों जागृत भी हुए और यातायात नियम का पालन भी कर रहे है। लेकिन अभी भी युवा पीढ़ी को जागृत नहीं हो रही है।
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एसपी ने कहा कि आप देख रहे है कि आए दिन सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है। इस पर तभी अंकुश लगेगा, जब हम युवा पीढ़ी हेलमेट पहनकर बाइक चलाने का काम करेंगे। बिना शराब पीए वाहन चलाएंगे। वाहन चलाते वक्त मोबाइल से बातचीत नहीं करेंगे। सड़क पर वाहन चलाते वक्त अचानक वाहन नहीं रोकेंगे और नाही अचानक वाहन को मोड़ेंगे। सड़क पर स्टंट बाइकिंग नहीं करेंगे। प्रेशर हार्न, मोडीफाइड साइलेंसर का प्रयोग नहीं करेंगे एवं सड़क पार करते समय जेब्रा लाइन का प्रयोग करेंगे। इसके अलावा नगर व कस्बा में तिराहे व चौराहे पर लगे पुलिस व यातायात पुलिस द्वारा बताए गए यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे और अपने परिजनों व पास पड़ोस को जागरूक करने काम करेंगे। कहा कि छात्र- छात्राएं संकल्प लें कि बिना हेलमेट के अपने अभिभावक, भाई-बहन को बाइक नहीं चलाने देंगे। तभी सड़क दुर्घटनाओं पर आप लोगों के सहयोग से अंकुश लगाया जा सकता है। एसपी ने (4-E) कानसेप्ट का पालन एवं E-एजुकेट करना तथा विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए यातायात संचालन में आने वाली E-इंजीनियरिंग सम्बन्धी समस्याओं का निदान करने के बारे में बताया। दुर्घटना में घायलों की गोल्डन ऑवर में मदद करते हुए शीघ्र हास्पिटल पहुंचाकर घायलों की मदद करे। दुर्घटना में कानूनी अड़चनों के कारण बहुत से लोग पहले घायलों की मदद करने से कतराते थे, लेकिन अब घायलों की मदद करने वाले व्यक्तियों को गुड सेमेरिटन के रूप में चुनाव कर पुरस्कृत किया जा रहा है। इस मौके पर 93 बटालियन एनसीसी कैडेट व लायन्स क्लब ने प्रतिभाग किया।



















