वित्तीय अनियमितता में डीएम ने प्रधान का पॉवर किया सीज

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वित्तीय अनियमितता में डीएम ने प्रधान का पॉवर किया सीज

बलिया। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने वित्तीय अनियमितता के आरोप में बेरूआरबारी ब्लाक के बड़सरी गांव के ग्राम प्रधान के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर अंतिम जांच पूरी होने तक रोक लगा दिया है। डीएम ने मामले की अंतिम जांच के लिए जिला विकास अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया है।

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बता दें कि गांव के पूर्व प्रधान अनिल तिवारी व प्रेमसागर तिवारी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराये गये निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। डीएम ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर जांच कराई। जांच में ग्राम पंचायत में लगी लाइट का क्रियाशील न होना, खड़ंजे के स्थान पर ब्रिक बैलास्ट आदि के प्रयोग को वित्तीय अनियमितता माना गया है। जांच टीम ने ग्राम प्रधान व तत्कालीन सचिव व अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। ग्राम प्रधान बृजानंद तिवारी ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन सचिव ने स्पष्टीकरण के लिए समय मांगा है। वहीं अवर अभियंता ने उक्त कार्य को स्वयं से संबंधित नहीं होना बताया है। मामले में जांच टीम ने 79457 रुपये की अनियमितता के साथ खड़ंजे के स्थान पर ब्रिक बैलास्ट लगाने आदि की अनियमितता पाया है। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया ग्राम प्रधान को शासकीय धन के अपव्यय का दोषी पाया है। जिसके आधार पर डीएम ने बड़सरी गांव के प्रधान बृजानंद तिवारी के समस्त अधिकारों को उनके आरोपों से मुक्त होने तक सीज कर दिया है। उन्होंने बेरूआरबारी बीडीओ को ग्राम पंचायत के कार्यों के क्रियान्वयन को तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। डीएम ने मामले की अंतिम जांच जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश को सौंपा है। डीएम ने अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय करने का आदेश दिया है।

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