
17 घंटे बाद ताजपुर फुलवरिया मांझी, बिहार के पास नाविक को महिला मिली सलामत
पति के मौत से आहत पत्नी ने नदी में लगाई थी छलांग
सकुशल घर पहुँचने पर महिला को देखने के लिए उमड़ी भीड़
बलिया। जाको राखे साइया मार सके ना कोय वाली कहावत बलिया में चरितारर्थ होती दिखी। पति की मौत से आहत पत्नी ने सरयू नदी में जान देने के लिए छ्लांग लगा दी थी, लेकिन विधाता ने उसे बचा लिया। वृद्ध महिला 17 घंटे बाद ताजपुर फुलवरिया मांझी, बिहार के पास एक नाविक को सही सलामत मिली। सूचना पर पहुंचे परिजन रात करीब डेढ़ बजे महिला को लेकर घर आए। महिला के सकुशल घर पहुंचने पर देखने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा।
बता दे कि सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के डुहा बिहरा गांव निवासी विशेष सिंह (62) का निधन शुक्रवार की रात करीब एक बजे हो गया था। पति के मौत से आहत 56 वर्षीय राजकुमारी सहन नहीं कर पाई और विलाप करते-करते अपना सिंहोरा और रामचरित मानस साथ लेकर दो बजे रात को घर से निकल गई और गांव के बगल से बह रही सरयु नदी में छलांग लगा दिया। कुछ देर बाद परिजन उसकी तलाश शुरू किए तो उनका सिंहोर सरयू नदी के तट पर मिला। उधर उधेड़बुन में विशेष सिंह का अंतिम संस्कार कर घर लौटे परिजनों को राजकुमारी के जीवित होने की सूचना मिली। उफनाई सरयू नदी की धारा के साथ बहती हुई राजकुमारी शनिवार की शाम 5:30 बजे बिहार के ताजपुर फुलवरिया मांझी बिहार के पास नदी किनारे लग गई। कुछ देर बाद तंद्रा टूटने पर राजकुमारी ने कुछ दूरी पर मछली मार रहे एक मल्लाह को इशारा कर अपने पास बुलाया। मांझी (बिहार) निवासी मल्लाह व्यासी पास पहुंचा और उन्हें अपने घर लेकर गया। पूछताछ के दौरान राजकुमारी ने आपबीती सुनाई। व्यास मल्लाह ने डुहा के अपने रिश्तेदार को राजकुमारी का फोटो भेज पूरी बात बताई तो सभी अवाक रह गए। सूचना पर पहुंचे परिजन राजकुमारी को लेकर घर चले आए।













