
कोर्ट का फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगाकर रिलीज भेजना पड़ा भारी, कोतवाली पुलिस आरोपी को किया गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस ने आरोपी पकड़ सीजेएम कोर्ट में किया पेश, कोर्ट ने भेजा जेल
कोतवाली पुलिस अभी कई जालसाजों की करेगी भंडाफोड़
बलिया। दीवानी न्यायालय के परिसर में फर्जीवाड़ा करने वाले जालसाजों का धीरे-धीरे भंडा फूटना आरम्भ हो गया है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को देखने को मिला, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र के उमरगंज निवासी दीपांशु गुप्ता पुत्र मुन्ना गुप्ता को सीजेएम पराग यादव की अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में चौदह दिनों के रिमांड पर पूछताछ करने के उपरांत जिला जेल भेजने का आदेश पारित किया। यह मामला सहतवार थाना के अवैध शराब से जुड़ा बताया जा रहा है।
आपको बता दे कि अभी कुछ ही माह पहले उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के फर्जी हस्ताक्षर करके धोखाधड़ी करते हुए कई लड़कों का नियुक्ति किया गया था। जिसमे कई लोग जेल भी जा चुके है। वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि दूसरा जिन्न पैदा हो गया। जिसे जानकर आप भी भौंचक रह जायेंगे।अभियोजन के मुताबिक न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम के लिपिक ने थाने में तहरीर दर्ज कराई थी कि आदेश 23 अगस्त 2024 अपराध संख्या 22/2024, सरकार बनाम अभिषेक सिंह, धारा 60/63 आबकारी अधिनियम, थाना सहतवार व अपराध संख्या 25/2024, सरकार बनाम मिथिलेश अंतर्गत धारा 60/63 आबकारी अधिनियम सहतवार से संबंधित रिलीज आदेश पर फर्जी हस्ताक्षर एवं कार्यालय की मोहर लगाकर जारी किया गया है जो मेरे कार्यालय से जारी नहीं है। उक्त आवेदन को संज्ञान में लेते हुए थाना कोतवाली ने जांच पड़ताल शुरू किया और 11 सितंबर 2024 को धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा करने का मुकदमा दर्ज किया।













