
गिरफ्तारी की मांग को लेकर डीएम दरबार पहुँचे शराब व्यवसायी
आबकारी निरीक्षक विनय राय वं संदीप यादव के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
जिलाधिकारी ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन
बलिया। मंगलवार को आबकारी निरीक्षक विनय राय व संदीप यादव की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को कदम चौराहा निवासी अंग्रेजी शराब के लाइसेंस धारक के पति छितेश्वर प्रसाद जिलाधिकारी से मिले। इस दौरान जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जांच प्रगति पर, जल्द ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कदम चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब के थोक लाइसेंस धारक संगीता देवी पत्नी छितेश्वर प्रसाद के यहां कुछ दिन पहले आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी की गई थी। उस दरम्यान दो बोरी में काफी संख्या में एट पीएम का खाली टेट्रा पैक आबकारी विभाग के अनुसार बरामद हुआ था। इसके बाद आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए छितेश्वर प्रसाद को जेल भेज दिया था। छितेश्वर प्रसाद जेल से बेल पर बाहर आए और खुदकी बेगुनाही साबित करने में जुट गए। छितेश्वर प्रसाद के अनुसार उनकी सुनवाई जिले स्तर पर नहीं हुई, मजबूरन छितेश्वर लखनऊ राजधानी की ओर कूच किए। जहां डीजीपी से मुलाकात करने के बाद अपनी फरियाद सुनाई। छितेश्वर प्रसाद के अनुसार आबकारी विभाग द्वारा उनके कदम चौराहा स्थित मकान में साजिशन खुदसे बोरी रखवाकर छापेमारी की कार्रवाई की बताई। मामले को गंभीरता को समझते हुए डीजीपी ने एडीजे को मामले की जांच सौंपी। एडीजे ने डीआईजी वैभव कृष्ण को निर्देश देने के साथ मामले में स्पेशल जांच टीम बनाई। जांच टीम द्वारा जब जांच की गई तो सतनीसराय चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीबीआर की सबसे पहले जांच हुई। जिसमें यह पाया गया कि दो लोग पहले कई दिन रैकी किए, फिर खुद ही खाली टेट्रा पैक भरी दो बोरी एट पीएम छितेश्वर प्रसाद की मकान में रख दिए। मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है व जिस वाहन से ये लोग बोरी लेकर गए थे, वह वाहन भी बरामद हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर यह तत्थ सामने निकल कर आया कि इस पूरी साजिश में आबकारी विभाग की साठगांठ है। इसके बाद विवेचक ने बिना देर किए इस मामले में आबकारी विभाग के दो निरीक्षक विनय राय व संदीप यादव को भी आरोपी बनाया। दोनों के खिलाफ 420, 467, 468, 471, 120 बी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। बावजूद अभी तक इन दोनों महारथियों पर आबकारी विभाग के साथ ही पुलिस विभाग पूरी तरह से मेहरबान है। आबाकारी विभाग न तो सस्पेंड करना ही मुनासिब समझ रहा है और न ही पुलिस विभाग आरोपी को गिरफ्तार करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।













