
नवीन कुमार हत्याकांड:*
*पहले शराब पिलवाया, फिर कटर ब्लेड से काटकर कर दी हत्या*
*हत्या में प्रयुक्त बाइक, असलहा व हथियार बरामद*
— एसपी विक्रांत वीर ने किया खुलासा
बलिया। सिकन्दरपुर थाना पुलिस की हठधर्मिता की वजह से सुर्खियों में रहा नवीन कुमार हत्याकांड का खुलासा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने पुलिस लाइन में कर दिया। पुलिस ने नवीन अपहरण व हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त बृजेश राय को न सिर्फ गिरफ्तार किया, बल्कि उसके कब्जे से अवैध असलहा व कारतूस, एक कटर ब्लेड, रक्त रंजित कपड़े तथा घटना में प्रयुक्त होने वाली मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया है।

एसपी के मुताबिक बीते नौ जुलाई को थाना सिकन्दरपुर पर नवीन कुमार पुत्र राम रतन निवासी भाटी थाना सिकन्दरपुर की गुमशुदगी दर्ज की गयी थी। फिर, 27 जुलाई को धारा 365 बीएनएस बनाम बृजेश राय पुत्र स्व. अवधेश राय, नैन पत्नी स्व. अवधेश राय, प्रियंका राय पुत्री अवधेश राय व राकेश उर्फ रिंकू राय पुत्र जनार्दन राय निवासीगण भाटी थाना सिकन्दरपुर के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। इसी क्रम में बीते तीन अगस्त को नवीन कुमार के पिता रामरतन ने सिकन्दरपुर थाने पर अपने पुत्र का पैंट-शर्ट व चप्पल लाकर बताया गया कि यह दियरा क्षेत्र खरीद घाट सिकन्दरपुर पर मिला है, जहां पर एक नरकंकाल खोपड़ी व कुछ हड्डियां है, जो हमारे पुत्र का है। 12 अगस्त को थानाध्यक्ष सिकंदरपुर मय पुलिस टीम के साथ लखनपार की तरफ मौजूद थे, तभी मूखबीर खास से सूचना प्राप्त हुई कि नवीन कुमार के अपहरण एवं हत्या की घटना का मुख्य अभियुक्त बृजेश राय अपनी रिश्तेदारियों में लुक छुप कर आ जा रहा है। वह न्यायालय में हाजिर होने की फिराक में अपने रिश्तेदारों के साथ इंतजाम करने में लगा हुआ है। आज वह लखनपार की तरफ से नहर के रास्ते होते हुए खेजुरी की तरफ से निकल सकता है। इस सूचना पर थानाध्यक्ष मय हमराही पुलिस बल द्वारा किकोढ़ा जाने वाले तिराहा से एक व्यक्ति को पकड़ा गया। पकड़े हुए व्यक्ति ने अपना नाम पता बृजेश कुमार राय पुत्र स्व. अवधेश राय निवासी : भाटी थाना सिकंदरपुर बताया। उसके कब्जे एक देसी तमन्चा व जिंदा कारतूस 315 बोर तथा एक मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिस पर रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी52 एच 4930 अंकित है।
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*57000 हजार रूपए के लिए कर दी नवीन की हत्या*
बलिया। पुलिस के मुताबिक, बृजेश राय से वैज्ञानिक रीति से गहराई से पूछताछ की गई तो बताया कि मेरे गांव का नवीन राम मेरा मित्र था। हम दोनों एक साथ मिलकर कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय करते थे। उसी सिलसिले में मेरा 57000 रुपए नवीन पर बकाया था। मेरे द्वारा कई बार मांगने पर नवीन ने मेरा पैसा नहीं चुकाया था। इसी वजह से मेरा नवीन से विवाद हुआ था। फिर 30 जून 2024 को मैं नवीन को अपने मोटरसाइकिल से उसके घर से ले आया। मैंने सिकंदरपुर में नवीन को शराब पिलाई और खुद भी पी, फिर मैं उसे अपना बकाया मांगा तो नवीन ने मना कर दिया। इसके बाद मैं नवीन को अपने साथ अपनी इसी मोटरसाइकिल से शराब पिलाने के बहाने घाघरा नदी के किनारे लेकर आया और नवीन के धुत हो जाने के बाद धारदार कटर ब्लेड से वार करके नवीन की हत्या कर दी। उसका मोबाइल निकाल लिया था। हत्या करने के बाद मैंने नवीन का शव मूंज की झाड़ियां के बीच मौजूद एक गड्ढे में रखकर उसके ऊपर से कुश मूंज डालकर छुपा कर वहां से भाग निकला था।
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*थानाध्यक्ष के खिलाफ होगी कार्रवाई*

बलिया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि सिकंदरपुर थानाध्यक्ष दिनेश पाठक नवीन के गुमशुदगी को गंभीरता से लिया होता तो नवीन का कंकाल नहीं मिला होता। लेकिन थानाध्यक्ष दिनेश पाठक की लापरवाही की देन है कि नवीन की निर्मम तरीके से हत्या हो गई और उसके परिवार को शव मिलने के बजाय कंकाल मिला। इसी सिलसिले में प्रेसवार्ता के दौरान जब एसपी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामले का खुलासा करना हम लोगों की प्राथमिकता थी। इसमें जिन पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनको बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में सिकंदरपुर थानाध्यक्ष दिनेश पाठक पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।





