
शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति की जांच के लिए डीएम ने दिया निर्देश
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलेरेंस की नीति को जिले के अफसर कर रहे है तार-तार
बलिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलेरेंस की नीति को जिले के अफसर तार-तार कर रहे हैं। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति की शिकायत पिछले 10 वर्षों से लगातार की जा रही है,
कोई जांच नहीं हो रही है। जबकि सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी से सब कुछ स्पष्ट हो चुका है। सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में इस तरह के शिक्षकों से हर माह मोटी वसूली की जाती है। हालांकि शिकायतकर्ता ने भी हार नहीं मानी है। मंगलवार को एक बार जांच की आस में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को शिकायती पत्र सौंपा। डीएम व एडीएम ने उसी समय बीएसए को फोन कर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।बता दे कि जिले के रतसर खुर्द निवासी राम प्रकाश पांडेय ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि प्राथमिक विद्यालय भटवलिया पर तैनात प्रधानाध्यापिका के कार्यभार ग्रहण करने से संबंधित शिकायती पत्र कई बार दिया, लेकिन जांच नहीं की जाती है। डीएम को सभी साक्ष्य भी दिखाया। डीएम ने बीएसए को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। यह शिकायत पिछले 10 वर्षों से की जा रही है, लेकिन हर जांच बेसिक शिक्षा विभाग जाकर ठंडे बस्ते में पड़ जाता है। देखना है कि इस बार जांच होती है या फिर बेसिक शिक्षा विभाग हर महीने बतौर वेतन करीब एक लाख का भुगतान कर अपना तंत्र बनाए रखता है।








