
बलिया के सिकंदरपुर थाने में पत्रकारों की एंट्री पर पुलिस ने लगाई रोक
एसआई बोले साहब के आदेश कर रहा पालन
हत्या, अपहरण, अवैध शराब, गांजा तस्करी पर रोक लगाने में फेल
थाने में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाना गलत: एसपी
बलिया। हत्या, अपहरण, अवैध शराब, गांजा अपराधियों व तस्करों पर रोक लगाने में अक्षम साबित हो चुकी सिकंदरपुर पुलिस अब लोगों की आवाज दबाने पर आमादा हो चुकी है। क्षेत्राधिकारी के इशारे पर सिकंदरपुर पुलिस अब पत्रकारों को भी थाना परिसर में घुसने से रोक रही है। जिसका नजारा शुक्रवार को कवरेज करने गए पत्रकारों को देखना पड़ा। जहां सिकंदरपुर थाने में एसआई के पद पर तैनात धर्मवीर यादव ने थाने में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगा दी है। बताया कि मैं साहब के आदेश का पालन कर रहा हूं। जिसको लेकर पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है।
बता दे कि शुक्रवार को सिकंदरपुर थाने पर कुछ पत्रकार समाचार संकलन करने पहुंचे। जैसे ही थाने के अंदर प्रवेश करने की कोशिश किए, मौके पर मौजूद नायब दरोगा धर्मवीर यादव व मालदह चौकी इंचार्ज शिवमूर्ति तिवारी ने दौड़ कर पत्रकारों को थाने के अंदर जाने से रोक दिया और गेट पर मौजूद पहरेदार को चिल्ला कर डांटने लगे कि तुमको पता नहीं है कि साहब का आदेश है कि अन्दर किसी को नहीं जाने देना है। पत्रकारों ने कहा कि हमको सूचना लेनी है कुछ लोग आज भाटी के प्रकरण में न्यायालय भेजे जा रहे हैं वहीं सूचना लेनी है। लेकिन दोनों एसआई चिल्लाने लगे कोई भी व्यक्ति हो अन्दर नहीं जा सकता है। फिर पत्रकारों ने बिना थाने के अंदर गए बिना समाचार कवरेज के ही वापस आ गए। घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कहाकि थानों में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाना गलत है। प्रेस को आजादी है। उन्होंने इसकी जांच कराने की बात कही।
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- थाने में पत्रकारों के एंट्री पर रोक लगाने की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।
वैभव कृष्ण, डीआईजी, आजमगढ़
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वही मामले की जानकारी होने पर भाजपा के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य व सिकंदरपुर के पूर्व विधायक भगवान पाठक ने कहा कि पत्रकारों को समाचार कभरेज करने से रोकने की जानकारी मुझे मिली है, जो घोर निंदनीय है। और यह पुलिस प्रशासन द्वारा सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मैं इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों के साथ साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को दूंगा।
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सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के खरीद गांव निवासी वर्तमान में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के वकील ओम प्रकाश यादव ने बताया कि पुलिस द्वारा पत्रकारो को थाने व समाचार कभरेज से रोकना सीधे सीधे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) का उलंघन है। भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। जबकि पत्रकारों को देश का चौथा स्तंभ कहा गया है। अगर पुलिस द्वारा पत्रकारो को कभरेज से रोका जा रहा है तो वह कानून का उलघन है। मैं इसका विरोध करता हु व इसकी चांच कर ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित करने की मांग करता हु। वही बताया कि बिना किसी प्रकार के प्राथमिकी दर्ज किए पुलिस किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक थाने पर नहीं बैठा सकती है।
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सलेमपुर लोकसभा के सांसद रमाशंकर राजभर ‘ विद्यार्थी’ ने कहा कि पत्रकारों को थाने पर जाने व कवरेज से रोकने की घटना निंदनीय है। मैं इसका घोर निंदा करता हूं। पत्रकार देश के चौथे स्तंभ हैं। इनको सच्चाई दिखाने का अधिकार है। प्रेस की आजादी में सूचना एकत्रित करने से नहीं रोका नहीं जा सकता। मैं इसकी आवाज लोक सभा के सदन में उठाऊंगा।
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बलिया किशोर न्यायालय बोर्ड के पूर्व सदस्य व समाजसेवी राजेन्द्र कुमार सिंह उर्फ मनधाता सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा पत्रकारों को थाने के अंदर प्रवेश न करने देने व समाचार कभरेज से रोका जाना घोर निंदनीय कदम है। पत्रकार देश की चौथे स्तंभ है। समाज में स्वच्छ व पारदर्शी सुशासन को दर्शित करना पत्रकारिता का मूल उद्देश्य है। इस आशय की जानकारी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रदेश के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से मिलकर दी जाएगी तत्पश्चात कार्यवाही न होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी मिल कर इसकी शिकायत की जाएगी।