
प्रशासन संग वार्ता विफल, नौ अक्टूबर को बंद और छात्र कर्फ्यू सफल बनाने का आह्वान, मांगों पर अड़े समिति के पदाधिकारी


बलिया। नौ अक्टूबर को प्रस्तावित बलिया बंद को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन और पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता विफल रही। वार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



समिति के संयोजक नागेन्द्र सिंह झुन्नू ने कहा कि सरकार को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरण की निश्चित तिथि घोषित करनी होगी। इसके साथ ही किसानों की कर्जमाफी, बिजली बिल माफी और छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी करने की मांग भी हर हाल में पूरी करनी होगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर ठोस पहल के बिना आंदोलन से पीछे हटने का सवाल नहीं है। वहीं, पूर्व अध्यक्ष मोती यादव ने छात्र-छात्राओं, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और किसानों समेत सभी वर्गों से नौ अक्टूबर को प्रस्तावित बलिया बंद और छात्र कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में भाग लेकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएं। वार्ता में प्रशासन की ओर से एडीएम, एडिशनल एसपी, सीओ बांसडीह, सीओ सिटी और कोतवाल सहित तीनों महाविद्यालयों के प्राचार्य मौजूद रहे। वहीं, प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष राहुल मिश्रा, मिथिलेश यादव मोती, नंदन सिंह, यशजीत सिंह और आदित्य योगी प्रमुख रूप से शामिल रहे।