सरयू के कटान में समाया कोयलावीर बाबा स्थान, 150 परिवारों पर मंडराया खतरा

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सरयू के कटान में समाया कोयलावीर बाबा स्थान, 150 परिवारों पर मंडराया खतरा


सुल्तानपुर पोखरा बस्ती से महज 100 मीटर दूर पहुंचा कटान, ग्रामीणों में दहशत


बलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन सुल्तानपुर पोखरा बस्ती के पास कटान की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार देर रात तेज कटान के चलते ग्रामीणों की आस्था का केंद्र कोयलावीर बाबा का सिद्ध स्थान और वहां खड़े विशाल बरगद व पीपल के पेड़ नदी में समा गए। सोमवार सुबह यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कटान अब बस्ती से महज करीब 100 मीटर दूर रह गया है।
रविवार को विधायक केतकी सिंह ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के साथ कटान स्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता देवेश गंगवार को तत्काल कटानरोधी कार्य कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बाढ़ खंड की ओर से जियो बैग और मिट्टी से भरी बोरियों के जरिए कटान रोकने का प्रयास शुरू किया गया, लेकिन रात में कटान तेज होने से कोयलावीर बाबा स्थान और विशाल पेड़ नदी की धारा में समा गए।


डेढ़ सौ परिवारों पर बढ़ा खतरा

सुल्तानपुर गांव का कोयलावीर बाबा स्थान ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र था। इसके नदी में समा जाने के बाद बस्ती के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक बस्ती में करीब 150 परिवार रहते हैं, जिनके पक्के और कच्चे मकान कटान के संभावित दायरे में हैं। कटान इसी तरह जारी रहा तो करीब 800 लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।


खेतों के बाद आबादी की ओर बढ़ी नदी


ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान नदी का पानी घरों तक पहुंच गया था, लेकिन मकान सुरक्षित रहे। अब जलस्तर कम होने के साथ ही नदी का रुख कटान की ओर हो गया है। खेतों की जमीन लगातार नदी में समाती जा रही है और कटान आबादी के बेहद करीब पहुंच चुका है। कोयलावीर बाबा स्थान के नदी में समाने के बाद कई परिवारों ने अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुल्तानपुर पोखरा बस्ती को बचाने के लिए युद्धस्तर पर कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि मौके पर निरीक्षण और निर्देश के बावजूद कटान रोकने के पर्याप्त इंतजाम समय रहते नहीं हो सके। ग्राम प्रधान सुग्रीव यादव, निर्भय नारायण सिंह, शिवजी सिंह, भरत सिंह, संजय सिंह और विजय यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है

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