
जेएनसीयू में दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर वक्ताओं ने व्यक्तित्व व कृतित्व पर डाला प्रकाश
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया में शुक्रवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शोधपीठ की ओर से जयप्रकाश नारायण सभागार में संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।



कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन दर्शन, एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास होने पर ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने समकालीन विश्व में एकात्म मानववाद की प्रासंगिकता बताई, जबकि डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने अंत्योदय को राष्ट्रवाद के सांस्कृतिक दर्शन से जोड़कर समझाया।
शोधपीठ निदेशक प्रो. बब्बन राम ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। विषय प्रवर्तन डॉ. रामसरन यादव ने किया। डॉ. अनुराधा राय ने संचालन और डॉ. अभिषेक मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान डॉ. पुष्पा मिश्रा, प्रो. अशोक सिंह, डॉ. रजनी चौबे सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।