
एनएचएम संविदा कर्मियों ने उठाई नियमितीकरण व समान कार्य-समान वेतन की मांग, आंदोलन का अल्टीमेटम
मांगें पूरी नहीं होने पर 5 से 10 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन, 12 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी


बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार गिरी और जिला महामंत्री शैलेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंप कर मांगें पूरी करने की अपील की है। संगठन ने शासन को तीन अक्टूबर तक का समय देते हुए मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों से लेकर जिला चिकित्सालयों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक कर्मचारी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों से लेकर जिला चिकित्सालयों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक कर्मचारी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल पा रही हैं।

दो प्रमुख मांगों पर जोर
संघ ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा समान कार्य-समान वेतन को अपनी प्रमुख मांग बनाया है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। साथ ही समान कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी शासन- प्रशासन की होगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से संविदा कर्मचारियों के हित में संवेदनशीलता एवं दूरदर्शिता के साथ निर्णय लेने की मांग की है।
छह अन्य मांगें भी रखीं
ज्ञापन में नियमितीकरण और समान वेतन के अलावा संविदा कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए व ग्रेच्युटी का लाभ, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति लागू करने, सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित पदों की भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करने की मांग की गई है।
अक्टूबर से शुरू होगा आंदोलन
संगठन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यदि तीन अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन किया जाएगा।
5, 6 और 7 अक्टूबर: काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध
5, 8, 9 और 10 अक्टूबर: जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार।
12 अक्टूबर से: मांगें पूरी नहीं होने अथवा संगठन के राज्य प्रतिनिधिमंडल से सार्थक वार्ता न होने पर प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।