
सरयू कटान से त्रस्त ग्रामीणों का तहसील पर किया प्रदर्शन
जियोट्यूब लगाने समेत चार सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम को सौंपा
बांसडीह (बलिया)। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज होती कटान से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को बांसडीह तहसील पर फूट पड़ा। पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झून्नू’ के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील का घेराव कर बाढ़ विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महराजपुर, चांदपुर, भोजपुरवा, सुल्तानपुर समेत कटान प्रभावित गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन के बाद एसडीएम के नाम संबोधित चार सूत्रीय मांगपत्र तहसीलदार नितिन सिंह को सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप था कि 20 जुलाई को दिए गए मांगपत्र पर तीन दिन में प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कटान रोकने के कार्यों में तेजी नहीं आई। वहीं सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों के घर और कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झून्नू’ ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद महराजपुर गांव को बचाने के लिए जियोट्यूब लगाने का कार्य शुरू नहीं कराया गया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह पर ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए दोनों अधिकारियों के कार्यों की जांच कर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने मांगपत्र में महराजपुर और चांदपुर को बचाने के लिए तत्काल जियोट्यूब लगाने, भोजपुरवा में अस्थायी ठोकर का निर्माण कराने तथा सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में सोलर लाइट, राहत शिविर, भोजन, पशुओं के चारे, डॉक्टरों एवं पशु चिकित्सकों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस मौके पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष लेखपाल संघ निर्भय नारायण सिंह, प्रभात मौर्य, वीरेंद्र यादव, ग्राम प्रधान मुनीब यादव, आदित्य प्रताप सिंह, अशोक सिंह, परमात्मा वर्मा, विजय सिंह, आदित्य सिंह, कन्हैया शर्मा, वीरेंद्र पाल, मिथिलेश यादव, बिहारी यादव, उपेंद्र यादव, दीपक यादव, प्रमोद पाल, भृगुनाथ यादव, लालबहादुर यादव, शिवजन्म यादव, भीम यादव, रामलाल पाल, रामलाल यादव, छितेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।