

बलिया बड़ागांव में निजी मकान में मिली 66 बाढ़ राहत किट, मचा हड़कंप
ग्रामीणों ने उठाए सवाल, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच, लेखपाल पर कार्रवाई का आश्वासन
बलिया। मनियर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में गुरुवार को एक निजी मकान में बाढ़ राहत सामग्री के पैकेट रखे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और राहत सामग्री को गैर-बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रखे जाने पर सवाल उठाने लगे। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मौके पर 66 बाढ़ राहत किट मिलने की पुष्टि प्रशासन ने की है। ग्रामीणों का आरोप था कि दो पिकअप वाहनों से बाढ़ राहत सामग्री लाकर बड़ागांव स्थित एक निजी मकान में रखी गई थी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बड़ागांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं है, फिर यहां राहत सामग्री किस उद्देश्य से लाई गई। उनका आरोप था कि यह सामग्री दुबहड़ थाना क्षेत्र के चैन छपरा में वितरण के लिए भेजी जानी थी, लेकिन उसे बड़ागांव में एक निजी मकान में रख दिया गया।



सूचना के बाद तहसीलदार सदर अभिषेक कुमार, एसडीएम बांसडीह पीयूष कुमार मिश्रा, तहसीलदार बांसडीह नितिन सिंह, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्रा और मनियर थाना प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित लेखपाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक विश्वकर्मा जयंती के चलते वाहनों को खाली कराने के उद्देश्य से राहत सामग्री को अस्थायी तौर पर वहां रखा गया था। हालांकि, ग्रामीण इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए और मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। एसडीएम बलिया सदर गोपनेश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में रेपूरा के लेखपाल शिव वर्मा से मामले के संबंध में पूछताछ की।अधिकारियों के अनुसार, लेखपाल के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर उसके खिलाफ निलंबन और प्राथमिकी की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। चर्चा यह भी रही कि बंसवरिया निवासी एक व्यक्ति एग्रीटेक कंपनी में प्राइवेट सर्वेयर के रूप में कार्य करता है और उसी के माध्यम से राहत किट एक निजी मकान में रखवाई गई थी। इस संबंध में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।



ग्रामीणों के अनुसार राहत सामग्री दो कमरों में रखी गई थी। एक तीसरे कमरे को भी खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं खुल सका। इसको लेकर भी मौके पर ग्रामीणों में चर्चा और नाराजगी रही। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद ग्रामीणों ने राहत सामग्री को तत्काल हटाने का विरोध किया। ग्रामीणों ने मांग की कि विधायक केतकी सिंह के मौके पर पहुंचने तक सामग्री नहीं हटाई जाए। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। बाद में प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और राहत सामग्री के पैकेट पिकअप वाहनों पर लादकर वहां से भेज दिए गए। एसडीएम बलिया सदर गोपनेश तिवारी ने बताया कि मौके से 66 राहत किट मिली हैं। इन किटों का वितरण बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं छात्र नेता रोहित सिंह माही समेत ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। राहत सामग्री वहां किन परिस्थितियों में और किसके निर्देश पर रखी गई थी, इसका खुलासा प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान संजय राजभर, दीपू सिंह, छात्र नेता रोहित सिंह माही, बैजू राम, छीतेश्वर राम समेत काफी संख्या में ग्रामीण भी वहां मौजूद रहे।