

ओवरब्रिज के नीचे थोक कारोबार करना पड़ा भारी, 09 सब्जी व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त
एक पखवाड़े में जवाब नहीं तो दुकान-फड़ और लाइसेंस होंगे निरस्त
बलिया। नगर मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा एवं सभापति, कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा मंडी अधिनियम, 1964 की धारा 17(2) तथा नियमावली के नियम 71 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कड़ा कदम उठाया गया है। यह आदेश 09 जनवरी 2026 के तहत की गई है।

प्रशासन ने संबंधित व्यापारियों को मंडी अधिनियम, 1964 की धारा 17(2) एवं नियमावली के नियम 72 के अंतर्गत 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो मंडी परिसर में इन्हें आवंटित दुकान/फड़ एवं लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। जिला मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा ने कहा कि मंडी नियमों के उल्लंघन और निर्धारित व्यवस्था के बाहर व्यापार संचालन को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इस कदम से अवैध या अनियमित रूप से संचालित थोक व्यापार पर अंकुश लगाने के साथ- साथ मंडी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। मंडी क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में हलचल है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इन व्यापारियों के लाइसेंस किए गए निलंबित…
मेसर्स भरत प्रसाद एंड संस, मे. एकता आलू भंडार, मे. कृष्ण राय एंड संस, मे. गुन्ना लाल चुन्ना लाल, मे. लाला साह रामेश्वर प्रसाद, मे. राइन ट्रेडिंग कंपनी, मे. बलिराम प्रसाद एंड संस, मे. शौकत अली अली शेर एवं मे. सुरेश कुमार राजेश कुमार शामिल रहे।