
यज्ञ से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का होता संचार: रामतपस्या
गायत्री शक्तिपीठ में 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, दूसरे दिन गूंजे वैदिक मंत्र
बलिया। महावीर घाट स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गायत्री माता प्राण प्रतिष्ठा वार्षिकोत्सव एवं 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को भक्तिमय माहौल देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से सम्पूर्ण परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।

शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के विद्वान आचार्य रामतपस्या, प्रमोद शास्त्री, अभय सिंह, शिब्बू कुमार एवं घनश्याम ने गुरु वंदना, गायत्री माता की स्तुति तथा वैदिक मंत्रों के माध्यम से 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कराया। इस अवसर पर विश्व कल्याण, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि के लिए यज्ञ में आहुतियां दी गईं। टोली नायक आचार्य रामतपस्या ने कहा कि यज्ञ से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानव के भीतर आत्मभाव जागृत होता है। गुरुवार की संध्या प्रवचन में उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपने अचिंतनशील चिंतन के कारण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याओं से घिर गया है। इन संकटों से मुक्ति के लिए सद्बुद्धि की देवी गायत्री माता की शरण आवश्यक है। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक विजेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि महायज्ञ की पूर्णाहुति 4 जनवरी को होगी, जबकि 3 जनवरी की संध्या विराट दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।