

एमआरएफ सेंटर मनियर के निर्माण पर कोर्ट ने लगाई रोक
लाखों रुपए की लागत से बनाया जा रहा था एमआरएफ सेंटर
वादिनी की जमीन को नवीन परती बताकर एमआरएफ सेंटर किया गया निर्माण


बलिया। नगर पंचायत मनियर द्वारा लाखों रुपए की लागत से बनाए जा रहे एमआरएफ सेंटर पर सुनवाई करते हुए न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पश्चिमी बलिया की अदालत ने स्थगन आदेश पारित किया है। वही चार जनवरी 2026 को पत्रावली के साथ कोर्ट में पेश होने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कार्य को रोकवा दिया है।




बता दे कि विमला उपाध्याय पत्नी स्वर्गीय बच्चन उपाध्याय निवासी मनियर, उत्तर प्रदेश ने कोर्ट में वाद दाखिल किया था कि वर्ष 2003 से मौजा मनियर खास में स्थित जमीन पर काबिज रहते हुए कृषि कार्य करते हुए चली आ रही हूं। इस जमीन पर अन्य किसी का कोई वास्ता सारोकार नहीं है। उक्त मेरे जमीन पर प्रतिवादी नगर पंचायत मनियर द्वारा चार मार्च 2025 को एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए जेसीबी मशीन लगाकर गड्ढा खोदे जाने लगा और पीलर व नींव जबरिया जोड़ने लगे। इस पर रोक लगाने के लिए मैं जिलाधिकारी बलिया, एसडीएम बांसडीह व तहसीलदार बांसडीह के यहां अर्जी दिया। इसमें उप जिलाधिकारी बांसडीह द्वारा कहा गया कि उक्त जमीन नवीन परती है। हम लोग नवीन परती की जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे है और वहां से वह चले गए। इसके बाद एमआरएफ सेंटर लगभग बनकर तैयार हो गया है। इस मामले में न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पश्चिमी बलिया की अदालत ने वादिनी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अराजी संख्या 583 में रकबा 0.3480 व आराजी संख्या 583 में रकबा 0.6920 हेक्टेयर में से कुल दो गाटा क्षेत्रफल 0.6920 हेक्टेयर पर स्थगन आदेश जारी किया है। इस बाबत नगर पंचायत मनियर के अधिशासी अधिकारी संदीप सिंह एवं उप जिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने स्थगन आदेश के संदर्भ में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया कि कोई आदेश मेरे पास नहीं आया है। अधिकारी द्वय ने कहा कि एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो गया है। जबकि थाना प्रभारी मनियर कौशल कुमार पाठक बताया कि आदेश की कॉपी अधिशासी अधिकारी मनियर को भेजवा दिया गया है। कोर्ट के आदेश पर एमआरएफ सेंटर के निर्माण कार्य को रोक दिया गया है।