
हर गांव में मिनी स्टेडियम, यूपी में खेल बजट कई गुना बढ़ा: डिप्टी सीएम ब्रजेश
अंडर-17 की देश की सबसे बड़ी कुश्ती प्रतियोगिता बलिया में आरम्भ
बलिया पहली बार बना राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का मेजबान: परिवहन मंत्री


बलिया। वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में सोमवार को 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय कुश्ती फ्री-स्टाइल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों के साथ ध्वजारोहण कर सलामी दी। उन्होंने खिलाड़ियों को शपथ दिलाकर प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की। परिवहन मंत्री ने उप मुख्यमंत्री को साल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही उप मुख्यमंत्री ने गुब्बारा एवं सफेद कबूतर उड़ाए।

डिप्टी सीएम ने कहा कि भृगु बाबा की इस धरती पर देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों का स्वागत है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिस्पर्धा में 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से आए 800 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जो इसे देश की सबसे बड़ी अंडर-17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता बनाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल दिखाने का अवसर देती है। उन्होंने बलिया की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए 1857 के नायकों, 1942 के आंदोलन और जयप्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं को भी याद किया।

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में खेलों को नई दिशा मिली है। उत्तर प्रदेश में खेल बजट कई गुना बढ़ाया गया है, हर गांव में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, और खिलाड़ियों को बड़े पदों—जैसे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरटीओ पर सीधी भर्ती देकर सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से ज्यादा जरूरी है खेल भावना और देश के लिए खेलने का उत्साह। उन्होंने उम्मीद जताई कि बलिया की ऊर्जा लेकर यहां के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराएंगे। प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में खिलाड़ियों और युवाओं के साथ खड़ी है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बलिया पहली बार राष्ट्रीय स्तर की किसी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है, जो जिले के लिए गौरव का क्षण है। यह धरती ऋषि-मुनियों, क्रांतिकारियों और राष्ट्रीय नेताओं की धरती है। साथ ही देशभर से आए बालक- बालिका खिलाड़ियों को बलिया की बागी धरती की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया को पहली बार राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए चुना है, जो जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि गंगा और सरयू के बीच बसने वाला यह पवित्र क्षेत्र सदियों से क्रांतिकारी और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र रहा है। साथ ही बलिया छोटा शहर जरूर है, लेकिन यहां के लोगों का दिल बड़ा है। परंतु बलियावासी पूरे मन से खिलाड़ियों और अतिथियों का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेलों को नई दिशा दी है।
