
दो दिन की छापेमारी से जिले में मचा हड़कंप
नक्सल से जुड़े मुखौटा गैंग की तलाश में जुटी राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी
एक महिला समेत पांच नक्सली 2023 में हुए थे गिरफ्तार
बलिया। नक्सल से जुड़े मुखौटा गैंग की तलाश में राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) लखनऊ की टीम द्वारा जनपद के विभिन्न गांवों में छापेमारी के बाद पूरे जनपद में हड़कंप की स्थिति है। जिन गांवों में टीम पहुंची वहां के ग्रामीणों ने बताया कि चार-पांच लोग आए थे, उन्होंने पूछताछ कर संबंधित लोगों को नोटिस देकर लखनऊ स्थित गोमती नगर थाने में बुलाया है।
बता दें कि जिले के मनियर, रसड़ा, पकड़ी व खेजुरी थाना क्षेत्र के संभावित ठिकानों पर एनआईए छापेमारी कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। साथ ही नोटिस जारी किया। जानकारी के मुताबिक टीम दो दिन तक जिले में मौजूद रही। पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, चंदौली, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में नक्सली नेटवर्क फैला हुआ है। यूपी एटीएस ने बलिया में 16 अगस्त 2023 को हथियारों के साथ गोपनीय बैठक कर रहे पांच नक्सलियों तारा देवी, लल्लू राम, सत्य प्रकाश, राममूरत और विनोद साहनी को गिरफ्तार किया था। जांच में यह सभी हार्ड कोर के नक्सली निकले। एटीएस की जांच में सामने आया था कि सीपीआई (माओवादी) नक्सली संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रमोद मिश्रा उर्फ बुढ़ऊ उर्फ बन बिहारी उर्फ डॉक्टर साहब ने पूर्वांचल में एडहॉक कमेटी बनाई थी। संगठन के सचिव बलिया निवासी संतोष वर्मा उर्फ मंतोष के जरिये लगातार पूर्वांचल के कई जिलों में महिलाओं और पुरुषों की भर्ती की जा रही थी। सरकार विरोधी आंदोलन को चुनकर उसको सशस्त्र आंदोलन में बदलने की साजिश रची जा रही थी। एनआईए ने उक्त मुकदमें को टेकओवर कर अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू कर दी। इस बाबत पुलिस विभाग के आला अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। वहीं, जिन गांवों में टीम पहुंची वहां के ग्रामीणों ने बताया कि चार-पांच लोग आए थे, उन्होंने पूछताछ कर नोटिस देकर लखनऊ स्थित गोमती नगर थाने में बुलाया है।