
विद्युत निजीकरण के खिलाफ राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने दिया धरना
विद्युत निजीकरण के पक्ष में जिस दिन निकलेगा टेंडर, उसी दिन होगा ऐतिहासिक जेल भरो आंदोलन
बलिया। विद्युत निजीकरण के खिलाफ सिविल लाइन स्थित पावर हाउस में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को धरना दिया।

इस दौरान विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघ के बलिया के संयोजक रामबाबू राय ने बताया कि विगत छह महीने से हम लोग विद्युत निजीकरण के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं। बीते दिनों लखनऊ में महापंचायत भी हुई, जिसमें किसान नौजवान व आम उपभोक्ता सभी लोग एकत्रित होकर इस निजीकरण का विरोध दर्ज कराए थे। बावजूद सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रहा है। ऐसे में अब संगठन ने निर्णय लिया है कि यदि सरकार विद्युत निजीकरण के पक्ष में टेंडर निकालती हैं तो वह दिन भारत के इतिहास में पहला दिन होगा। जब काफी संख्या में लोग जेल भरो आंदोलन करेंगे। बताया कि अब तक जो भी संस्थान निजी हाथों में गई है वहां फायदा सिर्फ सरकार और पूंजीपतियों को ही हुआ है। ऐसे में विद्युत निजीकरण किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। बताया कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक विद्युत निजीकरण का फैसला सरकार वापस न ले लें।