
भाजपा के पूर्व मंत्री समेत चार को कोर्ट ने किया दोषमुक्त
एक आरोपी को कोर्ट ने तीन साल की सुनाई सजा
क्रॉस केस के तीन अभियुक्तों को सात साल की सजा, अर्थदंड से किया दंडित
क्रॉस केस के एक आरोपी को कोर्ट ने किया बरी
बलिया। करीब 11 वर्ष पूर्व छात्रसंघ चुनाव को लेकर नगर के सतीश चंद्र कॉलेज के प्रांगण में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट ओर चाकूबाजी की घटना घटित हुई थी; जिसमे मंगलवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या(1) ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने भाजपा के पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला समेत चार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया। जबकि एक अभियुक्त अविनाश कुमार सिंह उर्फ नंदन को भादवि की धारा 324 के तहत दोषी पाकर तीन साल की सजा सुनाई। वही इसी क्रॉस केस में कातिलाना हमला के आरोपित सुधीर ओझा उर्फ राणा, गणेश कुमार उपाध्याय व शशिकांत यादव को न्यायालय ने सात सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस—दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित भी किया। वही अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा। वही इसी मामले के आरोपित भृगु आश्रम निवासी पंकज कुमार राय को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार दुबहड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सवरू बांध निवासी आशुतोष कुमार पांडेय उर्फ दीपक पांडेय ने कोतवाली थाने में 15 जनवरी 2013 को समय करीब डेढ़ बजे दिन में एससी कॉलेज के प्रांगण में फार्म जमा करने गया हुआ था, जहां सुधीर ओझा उर्फ राणा, पकंज,गणेश, शशिकांत हमारे ऊपर कातिलाना हमला किए थे। जिसमें चार के विरुद्ध हत्या प्रयास व अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसमे न्यायालय ने तीन को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। वही पंकज राय का बरी कर दिया। दूसरी घटना में छात्र नेता सुधीर ओझा उर्फ राणा के तहरीर पर भाजपा के पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला समेत पांच अविनाश उर्फ नंदन, विवेक सिंह,आशुतोष पांडेय व रत्नेश यादव मुल्जिम बनाए गए। जिसमें उभय पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया।





