
नंदीग्राम मेले पहुँचे घोड़ा मालिकों ने नपा प्रशासन को 24 घंटे को दिया अल्टीमेटम
आरोप: घोड़ों के रिहसल के लिए नपा द्वारा अभी तक नहीं तैयार कराया गया मैदान
घोड़ा मालिकों ने एक स्वर से घोड़ों को ले जाने की दी धमकी
लम्पी बीमारी के कारण दो वर्ष तक नहीं लग सका नंदीग्राम मेला
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बलिया। खबर यूपी के बलिया से है, जहां भृगु मुनि के शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले ददरी मेले के नंदीग्राम मेले में यूपी और बिहार से चेतक प्रतियोगिता में प्रतिभाग लेने पहुंचे घोड़े मालिकों को गुस्सा सोमवार को नगर पालिका प्रशासन के विरूद्ध फूट पड़ा। उनका आरोप था कि इस बार नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोई सुविधा उपलब्घ नहीं कराई गई है। कहाकि 18 नवम्बर को चेतक प्रतियोगिता आयोजित होना सुनिश्चित है, लेकिन अभी तक घोड़ों के रिहसल के लिए अभी तक मैदान सही नहीं कराया गया। अगर घोड़े रिहसल नहीं करेंगे तो प्रतियोगिता में कैसे भाग ले सकेंगे; एक स्वर से घोड़ा मालिकों ने बैठक कर निर्णय लिया कि अगर 24 घंटे के अंदर घोड़ों के रिहसल के लिए मैदान तैयार कर नहीं दिया गया तो हम सभी घोड़ा मालिक अपने अपने घोड़ों को लेकर चले जाएंगे।
आपकों बता दे कि लम्पी बीमारी के कारण ददरी मेला अंतर्गत लगने वाला में करीब दो साल से नहीं लगा। इस वर्ष लगा भी तो प्रचार—प्रसार का अभाव रहा। जिससे पशु पालक ओहापोह के स्थिति में नंदीग्राम में मेले में समय से नहीं पहुंच सके। इसी क्रम में ददरी में 18 नवंबर को चेतक प्रतियोगिता आयोजित होना है। जिसमें प्रतिभाग करने के लिए सोमवार तक करीब डेढ़ दर्जन घोड़े मेले में पहुंच चुके है। जबकि करीब एक दर्जन घोड़े प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आने को तैयार है। लेकिन जब इनके घोड़े मालिका नंदीग्राम मेले में पहुंचे तो व्यवस्था नदारद देख दंग रह गए। उनका कहना था कि नपा द्वारा अभी तक घोड़ों के रिहलसल के लिए मैदान तैयार नहीं किया गया है तो ऐसे में हम घोड़ों को लाकर यहां क्या करेंगे। बिहार के सेमरी से घोड़े को लेकर पहुंचे डमडम राय ने कहा कि मेले में आए दो—तीन दिन हो गए है। गेट पर इंट्री फीस 250 रुपया लिया गया, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। कहाकि हम लोग विगत कई वर्षो से मेले में आ रहे है, लेकिन इस वर्ष पहली बार कोई व्यवस्था नहीं मिल रही है और नाही कोई हम लोगों की पीड़ा सुन रहा है। बिहार के बक्सर जिले के डुमरी निवासी मुन्ना सिंह ने कहाकि प्रतियोगिता आयोजित होने में महज एक सप्ताह रह गया है, लेकिन अभी तक घोड़ों के रिहसल के लिए नपा प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नपा अध्यक्ष मिठाई लाल से बातचीत की गई तो दो—तीन दिन बाद मैदान बनाने को कहा गया। जिसके बाद हम घोड़ा मालिकों ने निर्णय लिया कि अगर 24 घंटे के अंदर घोड़ों के रिहसल के लिए मैदान नपा प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया तो हम लोगों अपने—अपने घोड़े लेकर प्रस्थान कर जाएंगे। इस मौके पर बिहार के हरेराम मुखिया, नितिश कुमार सिंह, दयाशंकर प्रधान आदि मौजूद रहे;



















