
नगर व ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों पर पूजे गए देवशिल्पी विश्वकर्मा
बिजली विभाग, आइटीआई, रेलवे स्टेशन पर पूजे गए भगवान विश्वकर्मा
बलिया। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा निर्माण एवं सृजन के देवता कहे जाते हैं। माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही इन्द्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्गलोक, लंका आदि का निर्माण किया था। इस दिन विशेष रूप से औजार, मशीन तथा सभी औद्योगिक कंपनियों, दुकानों आदि में पूजा करने का विधान है। भाद्रपद माह में विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाने की परंपरा रही है। नगर से गांव तक मंगलवार को हर घर के लोगों ने पहले सफाई का काम शुरू किया। वाहनों की धुलाई और साफ- सफाई के बाद सभी ने अपने-अपने वाहनों और दुकानों आदि में विश्वकर्मा भगवान की पूजा की। इसके अलावा नगर के नलकूप विभाग, बिजली विभाग, आइटीआई, रेलवे स्टेशन आदि पर भी पूजा का आयोजन किया।
नगर से सटे बसंतपुर में शिव मंदिर के पास आदर्श मजदूर सेवा समिति की ओर से भव्य आयोजन किया गया। वहीं टाउन पालीटेक्निक में विश्वकर्मा पूजन समारोह धूमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्य ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना मात्र से तकनीकी क्षेत्र में विकास के साथ साथ सुख समृद्धि स्वत: प्राप्त हो जाती है। उधर जिला विश्वकर्मा समिति के तत्वावधान में भृगु आश्रम स्थित विश्वकर्मा मंदिर में पूजन समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माता व आदि शिल्पी है। इसी कारण उनके वंशज प्रतिवर्ष उनके पूजन समारोह का आयोजन करते है। पूजन के बाद एक सभा का आयोजन किया गया। वहीं जगह—जगह लंगर का भी आयोजन किया गया। जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। विश्वकर्मा पूजा होने के कारण अन्य दिनों की अपनेक्षा सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी कम रही।













