
जल निगम ग्रामीण में करोडों की वित्तीय अनियमितता, अफसर समेत कई पर हो सकती है कार्रवाई
पूर्व तैनाती में भी सस्पेंड हो चुके हैं मुकीम, फिर गिर सकती है गाज
नल कनेक्शन में भी बड़े पैमाने पर किया गया फर्जीवाड़ा
बलिया। खबर यूपी के बलिया से है, जहां जल निगम वर्षों से भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है। जल निगम ग्रामीण में करोड़ों की वित्तीय अनियमिता प्रकाश में आया है। यह खेल लम्बे समय से चला आ रहा है। वर्तमान एक्सईएन समेत पांच के खिलाफ जांच बैठ गई है। बताया जाता है कि इस मामले में कुछ बड़े अफसरों के साथ ही कई जेई, एई व लेखाकार के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई ऑडिट रिपोर्ट पर शुरू की गई है।
जल निगम ग्रामीण के एक्सईएन जिले में पूर्व तैनाती के दौरान भी अनियमिता में सस्पेंड हो चुके हैं। बलिया में भी इनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर योजनाओं में भ्रष्टाचार किया गया है। कुछ माह पहले ही नल कनेक्शन में फर्जीवाड़ा सामने आया। लेकिन उसे दबा दिया गया। इतना ही नहीं बीते दो वर्ष से हर किसान दिवस पर पेयजल योजनाओं में धांधली की आवाज उठ रही है। लेकिन इसे विभाग लीपापोती कर दे रहा है। जल निगम ग्रामीण की स्थापना के बाद से ही बलिया में यह भ्रष्टाचार का केन्द्र बना रहा। वर्तमान में मुकीम अहमद अधिशासी अभियंता के पद पर हैं। इसके अलावा इनके पास आजमगढ़ के अधीक्षण अभियंता का भी प्रभार है। कुछ माह पहले हर घर जल योजना के तहत नल कनेक्शन में फर्जीवाड़ा का खुलासा मीडिया ने किया था। लेकिन एक्सईएन ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि एक्सईएन मुकीम अहमद के ही लॉगिन से फीडिंग की गई थी। जिसमें नल कनेक्शन वाले कई नाम फर्जी थे। इसके अलावा एक्सईएन ने अन्य कई कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की है। सूत्रों की मानें तो इसके पहले भी अन्य जिले में तैनाती के दौरान निलंबित हो चुके हैं। वहां भी खूब खेल किया था, अब एक बार फिर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
उधर, किसान कल्याण सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि बीते दो वर्ष से किसान दिवस पर अधिकारियों के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में पानी टंकियों के निर्माण में धांधली की शिकायत की जा रही है। लेकिन विभागीय एक्सईएन मामले में लीपापोती करते रहे। सूत्रों के अनुसार जांच के लिए सात सितंबर के जारी पत्र को एक्सईएन को भी भेजा गया है।
बोले एक्सईएन कोई जानकारी नहीं, सब राजकाज है
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता मुकीम अहमद ने कहा कि ऐसी किसी जांच की जानकारी उन्हें नहीं है। कहा कि पिछले कई वर्षों से यहां टेंडर नहीं होता है। रही बात जांच की, ऐसी जांच होती रहती है, सरकार है, सब राजकाज है।













