
आरोपियों पर आबकारी व पुलिस विभाग मेहरबान
अंग्रेजी शराब के थोक विक्रेता को फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर भेज दिया था जेल
विक्रेता ने डीजीपी से मिलकर अपनी बेगुनाही के लिए न्याय की लगाई गुहार
बेल के बाद हुई जांच तो आबकारी विभाग के निरीक्षकों पर ही गिरी गाज
बलिया। कानून आज भी सिर्फ गरीबों, मजलूमों और बेबस लोगों को ही कुचलता है। जबकि कानून सबके लिए बराबर है। ऐसा ही मामला कदम चौराहे के पास अंग्रेजी शराब के थोक लाइसेंस धारक संगीता देवी पत्नी छितेश्वर प्रसाद का था। जिन्हें आबकारी विभाग के अधिकारियों ने फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस प्रकरण में जांच के बाद आबकारी विभाग के दो निरीक्षक के खिलाफ 420, 467, 468, 471, 120 बी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। बावजूद दोनों आराम से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और खुलेआम घूम रहे हैं। जबकि मामला प्रदेश के डीजीपी से लेकर, आजमगढ़ कमिश्नर, एडीजे वाराणसी पीयूष मोर्डिया, डीआईजी वैभव कृष्ण तक के संज्ञान में है। बावजूद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर अपने कर्तव्य से विमुख हो रही है।
बता दें कि कदम चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब के थोक लाइसेंस धारक संगीता देवी पत्नी छितेश्वर प्रसाद के यहां कुछ माह पूर्व आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी की गई थी। उस दरम्यान दो बोरी में काफी संख्या में एट पीएम का खाली टेट्रा पैक आबकारी विभाग द्वारा बरामद किया गया था। इसके बाद आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए छितेश्वर प्रसाद को जेल भेज दिया था। छितेश्वर प्रसाद बेल लेकर बाहर आए। इसके बाद छितेश्वर प्रसाद खुद को बेगुनाह साबित करने में जुट गए। छितेश्वर प्रसाद की सुनवाई जिले स्तर पर नहीं हुई तो वह मजबूरन लखनऊ राजधानी पहुँचे, जहां डीजीपी से मुलाकात कर अपनी फरियाद सुनाई। छितेश्वर प्रसाद द्वारा बताया गया कि आबकारी विभाग द्वारा उनके कदम चौराहा स्थित मकान में साजिशन खुद से बोरी रखवाकर छापेमारी की कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को समझते हुए डीजीपी ने एडीजे वाराणसी को मामले की जांच सौंपी। एडीजे ने डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण को निर्देश देने के साथ मामले में स्पेशल जांच टीम बनाई। जांच टीम द्वारा जब जांच की गई तो सतनीसराय चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीबीआर में यह पाया गया कि दो लोग पहले कई दिन रैकी किए, फिर खुद ही खाली टेट्रा पैक भरी दो बोरी एट पीएम छितेश्वर प्रसाद की मकान में रख दिए। मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है व जिस वाहन से ये लोग बोरी लेकर गए थे, वह वाहन भी बरामद हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर यह तत्थ सामने निकल कर आया कि इस पूरी साजिश में आबकारी विभाग की साठगांठ है। इसके बाद विवेचक ने बिना देर किए इस मामले में आबकारी विभाग के दो निरीक्षक विनय राय व संदीप यादव को भी आरोपी बनाया और दोनों के खिलाफ 420, 467, 468, 471, 120 बी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। लेकिन पुलिस द्वारा इन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। बल्कि इन दोनों महारथियों पर आबकारी विभाग के साथ ही पुलिस विभाग भी पूरी तरह से मेहरबान है।आबकारी विभाग न तो सस्पेंड करना ही मुनासिब समझ रहा है और न ही पुलिस विभाग आरोपी को गिरफ्तार करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। इस बाबत एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। बस जांच चल रही है, पर्याप्त साक्ष्य मिलते ही कार्रवाई में देर नहीं करेंगे। कानून सबके लिए बराबर है। कानून के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता, वह चाहे कोई भी क्यों न हो।













