22 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने दिया धरना

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22 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने दिया धरना

बलिया। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरूवार को कलेक्ट्रेट परिसर बलिया में कलेक्ट्रेट एवं तहसीलों में कार्यरत लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों ने अपने 22 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।





धरने का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष कौशल कुमार उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि 22 सूत्रीय मांगो में से प्रमुख मांगे जैसे कलेक्ट्रेट कार्यालय को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए कार्मिकों का वेतन उच्चीकृत करने, कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग सेवा नियमावली 2011 पूर्ववत लागू करने, लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतनमान दिये जाने, नवसृजित जनपदों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित किये जाने, भूलेख लिपिक का पद पूर्व की भांति कलेक्ट्रेट में वापस किये जाने, सामयिक सहायक वासिल वाकी नवीसों को रिक्त पदों के सापेक्ष एकमुश्त शत-प्रतिशत समायोजित किये जाने आदि प्रकरणों में विभागाध्यक्ष की संस्तुति हो जाने के उपरान्त भी अभी तक शासनादेश निर्गत न करने से कर्मचारियों में काफी कुण्ठा व्याप्त है। जिससे उनकी आर्थिक व मानसिक क्षति हो रही है।





शासन द्वारा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिये बार-बार कार्मिकों को समय से पदोन्नति का शासनादेश निर्गत किया जाता है, किन्तु सेवा नियमावली में प्रदत्त व्यवस्था के तहत प्रशासनिक अधिकारियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर पदोन्नति हेतु पात्रता क्षेत्र के विस्तार का अनुमोदन शासन एवं राजस्व परिषद द्वारा नहीं किया जा रहा है, जिससे पात्र कार्मिक पदोन्नति के लाभ से वंचित होकर सेवानिवृत्त हो जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कलेक्ट्रेट को मिनी सचिवालय घोषित किये जाने, लिपिक संवर्ग कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति किये जाने, पुरानी पेंशन लागू किये जाने, सामयिक से की गयी सेवाओं को सेवा अवधि में जोड़े जाने रिक्त पद पर यथाशीघ्र भर्ती किये जाने, पदोन्नतियों में आरक्षित रिक्तियों में की गणना के संबंध में 0.51 के स्थान पर 01 पद स्थापित किये जाने चिकित्सा प्रतिपूर्ति को आयकर आगणन में शामिल न किये जाने, सामूहिक बीमा की धनराशि की 10 लाख रुपए किये जाने आदि अनेकों मांगे शासन एवं राजस्व परिषद में अनावश्यक रूप से लंबित है। शासन का सबका साथ सबका विकास का नारा कर्मचारियों के प्रति खोखला साबित हो रहा है। उपरोक्त मांग यथाशीघ्र पूर्ण न होने पर गंभीर आन्दोलन किये जाने की प्रबल संभावना है। धरने को संबोधित करते हुए श्री उपाध्याय ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि 17 सितंबर तक मांगो का सम्मानजनक निस्तारण नहीं होता है तो 18 सितंबर 2024 को गांधी प्रतिमा, हजरतगंज लखनऊ में पूरे प्रदेश के कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। धरने को श्री संजय कुमार भारती , अनिल कुमार गुप्ता पूर्व अध्यक्ष, जिला मंत्री, सुमंत सिंह, अरुन कुमार राम, अजय कुमार सिंह, चन्दन कुमार, रविशंकर पाण्डेय, नथुनी राम, राकेश कुमार श्रीवास्तव, बृज बिहारी सिंह मण्डल अध्यक्ष , सुमन्त पाण्डेय ,रश्मि पाण्डेय, श्रीमती धीरा सिंह, श्रीमती साधना पाण्डेय आदि ने भी संबोधित किया।

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