
बलिया वसूली कांड:
एक ओर जांच तो दूसरी ओर पशु तस्करी ने पकड़ी रफ़्तार
पशु तस्करों ने बदला तस्करी का तरीका
एडीजी वाराणसी व डीआईजी आजमगढ़ ने छापेमारी कर अवैध वसूली का किया था खुलासा
बलिया। यूपी की चर्चित अवैध वसूली कांड का खुलासा नरही थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाका भरौली चौराहा पर तीन सप्ताह पहले हुआ था। यह खुलासा पुलिस अफसरों ने ही किया था। जिसकी जांच अभी चल रही है। वहीं दूसरी ओर पशु तस्करी भी रफ़्तार पकड़ चुकी है। अंतर इतना है कि अब पुलिस ने वसूली का तरीका बदल दिया है और तस्कर भी नये तरीके से तस्करी करना आरम्भ कर दिया हैं। आए दिन इसका वीडियो भी सामने आ रहा है।
बता दे कि नरही थाना क्षेत्र के गंगा किनारे का गांव पलिया खास उर्फ बड़काखेत पशु तस्करी का हब बन चुका है। कारण कि पशु तस्कर अब मोटर चालित नावों से पशुओं को नदी के रास्ते नदी पार कर 60 के डेरा पर उतारते हैं, जहां से बड़े वाहनों पर लोड कर बिहार, बंगाल आदि भेजा जाता है। हैरानी की बात है कि इसकी भनक पुलिस को नहीं लग रहा या फिर अंदरखाने संरक्षण है। बताया जाता है कि पलिया खास उर्फ बड़काखेत गांव में कई पशु अड्डे बने हैं। जहां विभिन्न जनपदों से पशु लाकर रखे जाते हैं और फिर नाव से बिहार भेजा जाता है। इतना ही नहीं इसी स्थान से बड़े पैमाने पर नाव से शराब तस्करी भी होने लगी है। बता दें कि एडीजी वाराणसी व डीआईजी आजमगढ़ ने 24 जुलाई की रात में बलिया के नरही थाना क्षेत्र स्थित भरौली चौराहा पर छापेमारी की थी। इस दौरान अवैध वसूली करने वाले दो सिपाहियों समेत 18 को मौके स्व गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने नरही एसओ और हेड कांस्टेबल को भी पकड़ लिया था। इसी बीच कोरंटाडीह चौकी का फालोवर भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को 55 घंटे का रिमांड लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान कई तथ्य पुलिस के हाथ भी लगे जिसके आधार पर जांच जारी है।








