जेल व कैदियों के अन्यंत्र जाने पर परिजनों का आर्थिक एवं शारीरिक होगा ह्रास

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जिला कारागार और बंदियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय अविवेकपूर्ण एवं अव्यवहारिक: मु रिजवी

अन्यंत्र जाने पर परिजनों का आर्थिक एवं शारीरिक होगा ह्रास

बलिया। जिला कारागार और बंदियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय अविवेकपूर्ण एवं अव्यवहारिक हैं। यह बाते सिकंदरपुर विधायक मु. जियाउदीन रिजवी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही।

मु. रिजवी ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों को अन्य जनपद में भेजने से कैदियों के परिजनों को परेशानी होगी। मिलने एवं न्यायिक कार्यों हेतु परिजनों को जनपद से बाहर जाने पर उनका आर्थिक एवं शारीरिक ह्रास होगा। शासन में बैठे लोगों को इस पर विचार करना चाहिए। विधायक ने रोष प्रगट करते हुए कहा कि बलिया की जेल के बागीपन का इतिहास जुड़ा हैं। जब आजादी के दीवानों ने 1942 के आंदोलन में कारागार का फाटक तोड़ कर अपने साथियों को बाहर निकाला था। शेरे बलिया चित्तू पाण्डेय के नेतृत्व में अपने को आजाद घोषित कर दिया था। जिसकी याद में आज भी प्रत्येक वर्ष बलिया बलिदान दिवस (19 अगस्त) को प्रतीकात्मक रूप से जिला कारागार का गेट खोला जाता हैं। जिसमें जिले के समस्त आला अफसर भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ हिस्सा लेते हैं। स्वयं मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में विगत एक वर्ष पूर्व हिस्सा ले चुके है। ऐसे में जिला कारागार और कैदियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की बात बलिया के जनमानस के बगावती तेवर और अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक को मिटाने के समान हैं। समाजवादी पार्टी जेल में निरुद्ध कैदियों को अन्यत्र भेजने के बजाय बलिया में ही रखने हेतु अपना आवाज सड़क से सदन तक उठाएगी।

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