


सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान खुद पर डीजल छिड़ककर झोपड़ी में लगाई आग
पुलिस से परिजनों की हुई झड़प, पक्के मकान हटाने से पहले मुआवजा और पुनर्वास का आश्वासन



बलिया। मनियर थाना क्षेत्र के सरवार ककरघट्टी ग्राम पंचायत के विक्रमपुर दक्षिण (गंगापुर) गांव में रविवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने उस समय अफरा- तफरी मच गई, जब कार्रवाई का विरोध करते हुए एक युवक ने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इतना ही नहीं, युवक ने अपनी रिहायशी झोपड़ी में भी आग लगा दी। देखते ही देखते झोपड़ी धू-धूकर जलने लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच खींचतान भी हुई। बाद में पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर स्थिति संभाली। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि राजन लाल श्रीवास्तव की अपील पर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई।




जानकारी के अनुसार गांव में सड़क किनारे स्थित सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए रविवार को तहसीलदार बांसडीह नितिन कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कहासुनी और नोकझोंक होने लगी। इसी दौरान मांगुर गोंड़ के पुत्र डब्लू गोंड़ ने अपने शरीर पर डीजल छिड़क लिया और झोपड़ी में आग लगा दी। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल युवक को काबू में लेकर बचाया। इस दौरान हुई खींचतान में युवक बेहोश हो गया। वहीं, झोपड़ी में लगी आग पर भी काबू पाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीएम बांसडीह पुष्कर मिश्रा, क्षेत्राधिकारी जयशंकर मिश्रा सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक टीम ने रामनाथ यादव, स्व रामलच्छन यादव, गोपाल यादव, सोया यादव, स्वर्गीय सुरेश गोंड़, मांगुर गोंड़, दरोगा यादव, स्वर्गीय छोटेलाल गोंड़, स्वर्गीय बैजनाथ गोंड़, हरनाथ गोंड़, वशिष्ठ गोंड़ और वीर बहादुर गोंड़ समेत अन्य लोगों के अतिक्रमण वाले हिस्सों को हटाया। हालांकि, प्रशासन ने मौके पर पक्के मकानों को तत्काल नहीं गिराया। इस बाबत एसडीएम पुष्कर मिश्रा ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और अन्यत्र पुनर्वासित करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पक्के मकानों को हटाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।