
पुराने बकायेदार व्यापारियों को बड़ी राहत, ब्याज और अर्थदंड होगा माफ
एकमुश्त समाधान योजना-2026 लागू, 15 जनवरी 2027 तक करना होगा आवेदन



बलिया। जीएसटी लागू होने से पहले के कर बकायों को लेकर परेशान व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने पुराने कर बकायों पर ब्याज और अर्थदंड माफ करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना- 2026 लागू की है। इसके तहत पात्र व्यापारी निर्धारित शर्तों के अनुसार अपने पुराने बकाये पर ब्याज और अर्थदंड की माफी का लाभ उठा सकेंगे। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को 15 जनवरी 2027 तक आवेदन करना होगा।



वाणिज्य कर अधिकारी सुजीत यादव ने बताया कि इस योजना में जीएसटी लागू होने से पहले के विभिन्न कर अधिनियमों के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों को शामिल किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम- 1995, उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम-1997, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम- 2007 और उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम- 2008 के अंतर्गत देय बकाया शामिल हैं। इसके अलावा मनोरंजन कर से संबंधित बकायों को भी योजना के दायरे में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर योजना के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। ऐसे में पुराने कर बकाये वाले व्यापारियों के पास अपने ऊपर लगे ब्याज और अर्थदंड से राहत पाने का अवसर है। वाणिज्य कर विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि वे योजना की पात्रता और शर्तों की जानकारी लेकर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि सरकार की इस राहत योजना का लाभ मिल सके।