

बलिया कचहरी ओवरब्रिज, जीराबस्ती व एआरटीओ कार्यालय के पास पूर्व सीएम अखिलेश का लगा आपत्तिजनक पोस्टर, अरविंद गिरि ने उतरवाए पोस्टर
पोस्टरों में अखिलेश यादव को निशाना बनाने का आरोप, सपा ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट : श्रवण कुमार पांडेय
बलिया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों से राजनीतिक माहौल गरमा गया। सिविल लाइन स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के पास रेलवे ओवरब्रिज के निकट लगाए गए बड़े पोस्टर में अखिलेश यादव को जालीदार टोपी पहने दिखाया गया था। पोस्टर में सपा शासन और पार्टी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी लिखी थी। मामला सामने आने के बाद समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि मौके पर पहुंचे और पोस्टर को उतरवा दिया।



मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास करीब 10 फीट लंबा और आठ फीट चौड़ा पोस्टर लगाया गया था। पोस्टर के एक तरफ ‘‘सपाइयों का क्या भरोसा, खैनी और बनारसी पान, बजट चला गया कब्रिस्तान’’ तो दूसरी तरफ ‘‘दंगा, इफ्तार और बिरयानी, सपा राज की असल कहानी’’ लिखा था। पोस्टर में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जालीदार सफेद टोपी में प्रदर्शित किया गया था। पोस्टर की जानकारी मिलने पर समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि करीब छह बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पोस्टर को उतरवा दिया। इसके बाद सुखपुरा थाना क्षेत्र के जीराबस्ती स्थित एआरटीओ कार्यालय के पास इसी तरह के पोस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आई। जिसमें अखिलेश यादव को गिरगिट के रूप में प्रदर्शित करते हुए नीचे ‘‘एक कचौरी, दो समोसा, गिरगिटेश का क्या भरोसा’’ लिखा गया था। इसके अलावा जीराबस्ती स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के पास भी एक पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई। इसमें ‘‘रसगुल्ला और रसमलाई, एक जाति की सत्ता आई, 86 में से 56 एसडीएम एक ही बिरादरी के’’ लिखा था। इन पोस्टरों को भी अरविंद गिरि ने मौके पर पहुंचकर उतरवा दिया।



पोस्टर वार से माहौल बिगाड़ने का आरोप
मामले को लेकर अरविंद गिरि ने सोशल मीडिया पर जारी अपनी बाइट में कहा कि बलिया ऋषि-महर्षियों और तपस्वियों की भूमि है। यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की धरती और शारदानंद अंचल की जन्मभूमि है। ऐसे पोस्टर लगाकर भाजपा और उसके लोगों द्वारा जनपद की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी भी इसी तरह के पोस्टर लगाकर जवाब देने लगे तो जिले में पोस्टर वार शुरू हो जाएगा, जो किसी भी तरह उचित नहीं है। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं से इस तरह के कृत्य से बचने की अपील की। कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्ष करना न छोड़ती है और न ही पीछे हटती है। पोस्टरों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मामले को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से किसी आंदोलनात्मक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई थी और न ही अन्य कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी। मामले में पोस्टर किसने और किस उद्देश्य से लगाए, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।