
चुनाव आया तो अखिलेश यादव को आजम खां की याद आई : दानिश आजाद
आजम खां ने अपने निजी स्वार्थ के लिए जौहर यूनिवर्सिटी खड़ा कर कमाई का बनाया जरिया




बलिया। भाजपा सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री आजम खां पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव को आजम खां की याद आने लगी है, क्योंकि उन्हें मुस्लिमों का वोट चाहिए।आजम खां से अखिलेश यादव की मुलाकात और उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि आजम खां को लेकर अखिलेश यादव अब चाहे जितनी बातें करें, लेकिन जनता सब जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खां ने अपने निजी स्वार्थ के लिए जौहर यूनिवर्सिटी खड़ी की और उसे कमाई का जरिया बनाया।



शुक्रवार को पीडब्ल्यू डाक बंगला में पहुंचे दानिश अंसारी ने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी और गरीब मुसलमानों की जमीन के इस्तेमाल पर कहा कि यदि आजम खां का उद्देश्य वास्तव में शिक्षा को बढ़ावा देना था तो विश्वविद्यालय का चांसलर किसी योग्य मुस्लिम शिक्षाविद या प्रोफेसर को बना सकते थे, लेकिन आजम खां स्वयं उसके चांसलर बने। कहा कि भाजपा का शिक्षा से कोई विरोध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जो कार्रवाई हुई है, उसके पीछे सामने आए तथ्यों और नियमों के आधार पर हो रही है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के नाम पर जनता और सरकार के संसाधनों के इस्तेमाल की सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। अखिलेश यादव के आजम खां को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि जब आजम खां लंबे समय तक जेल में रहे, तब अखिलेश यादव उनके समर्थन में जेल तक नहीं गए। अब चुनाव के समय उनकी याद आ रही है। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खां ने भी समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से अनदेखी किए जाने का दर्द जाहिर किया था। दानिश आजाद ने कहा कि अगर आजम खां से निजी तौर पर बंद कमरे में अखिलेश यादव के बारे में पूछा जाए तो वह खुद समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की हकीकत बता सकते हैं।