जिले में 480 स्थानों पर स्थापित की जाएंगी मां सरस्वती की प्रतिमाएं

Spread the love

जिले में 480 स्थानों पर स्थापित की जाएंगी मां सरस्वती की प्रतिमाएं

शैक्षणिक संस्थानों से लेकर घर – घर पूंजी जाएंगी ज्ञान की देवी अधिष्ठात्री देवी

मां शारदे के पूजन संग फाग की होती शुरुआत

एक – दूसरे को अबीर – गुलाल लगाकर ढोल पर फाग गाते लोग

बलिया। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का पूजनोत्सव को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारी जोरों पर चल रही है। इस वर्ष मां सरस्वती का पूजनोत्सव 23 जनवरी को होगा। इसके मद्देनजर मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे। उधर, विभिन्न समितियों के आयोजक पंडाल को भव्यता देने में रात दिन लगे रहे। इस वर्ष जिले के 22 थाना क्षेत्र अंतर्गत 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। देर रात तक पंडालों में पहुंची मां सरस्वती की प्रतिमाएं। मां शारदे की पूजन के बाद लोग एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर ढोल पर फाग गीत (जोगीरा) गाते है। इसी दिन से होली की शुरुआत हो जाती है।

बसंत पंचमी का त्योहार कल यानि 23 जनवरी को है। इस दिन मां सरस्वती नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित पंडालों में पूजी जाएंगी। इसकी तैयारी विभिन्न समितियों की ओर से जोर-शोर से चल रही है। वहीं, शिक्षण संस्थानों में भी मां सरस्वती के पूजन को लेकर शिक्षक व छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित है। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 22 थाना क्षेत्र के कुल 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इसमें शहर कोतवाली में 59, दुबहर में 32, गड़वार में 23, सुखपुरा में 07, फेफना में 32, नरही में 31, बांसडीह में 11, बांसडीहरोड में 22, सहतवार में 12, मनियर में तीन, बैरिया में 38, दोकटी में 29, रेवती में 23, हल्दी में 20, चितबड़ागांव में 25, खेजुरी में 11, पकड़ी में 05, रसड़ा में 37, नगरा में 05, भीमपुरा में 09, सिकंदरपुर में 34 व उभांव में 12 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इस प्रकार 22 थाना अंतर्गत 480 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

फाग की होती शुरुआत

एक – दूसरे को अबीर – गुलाल लगाकर ढोल पर फाग गाते लोग

बलिया। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का पूजनोत्सव को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारी जोरों पर चल रही है। इस वर्ष मां सरस्वती का पूजनोत्सव 23 जनवरी को होगा। इसके मद्देनजर मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे। उधर, विभिन्न समितियों के आयोजक पंडाल को भव्यता देने में रात दिन लगे रहे। इस वर्ष जिले के 22 थाना क्षेत्र अंतर्गत 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। देर रात तक पंडालों में पहुंची मां सरस्वती की प्रतिमाएं। मां शारदे की पूजन के बाद लोग एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर ढोल पर फाग गीत (जोगीरा) गाते है। इसी दिन से होली की शुरुआत हो जाती है।

बसंत पंचमी का त्योहार कल यानि 23 जनवरी को है। इस दिन मां सरस्वती नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित पंडालों में पूजी जाएंगी। इसकी तैयारी विभिन्न समितियों की ओर से जोर-शोर से चल रही है। वहीं, शिक्षण संस्थानों में भी मां सरस्वती के पूजन को लेकर शिक्षक व छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित है। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 22 थाना क्षेत्र के कुल 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इसमें शहर कोतवाली में 59, दुबहर में 32, गड़वार में 23, सुखपुरा में 07, फेफना में 32, नरही में 31, बांसडीह में 11, बांसडीहरोड में 22, सहतवार में 12, मनियर में तीन, बैरिया में 38, दोकटी में 29, रेवती में 23, हल्दी में 20, चितबड़ागांव में 25, खेजुरी में 11, पकड़ी में 05, रसड़ा में 37, नगरा में 05, भीमपुरा में 09, सिकंदरपुर में 34 व उभांव में 12 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इस प्रकार 22 थाना अंतर्गत 480 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *