
कुछ आज किया तो कुछ कल करेंगे तर्पण व पिंडदान
पीपल, देवस्थान, तालाब व अपने घर पर कर सकते है तर्पण व पिंडदान
बलिया। जनपद के विद्वान पंडितों के मतानुसार कुछ आज यानी बुधवार तो कुछ कल यानी गुरुवार को पितृपक्ष की शुरूआत करेंगे। जबकि पितृ विसर्जन दो अक्टूबर (अमावस्या) को होगा। पितृपक्ष समाप्त होने के अगले दिन शारदीय नवरात्र शुरू हो जाता है। पितृपक्ष में पितरों को तर्पण यानी जल ना देने एवं पिंडदान नहीं करने से पितर श्राप देते हैं। जिसके चलते अकाल मृत्यु होना, वंशवृद्घि रुक जाना, शारीरिक पीड़ा व रोग व्याधि में वृद्घि हो जाती है। इसलिए तर्पण और पिंडदान अवश्य करना चाहिए। इसी क्रम में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोगों ने गंगा व सरयु तट तथा पोखरा, तालाब व सरोवर में स्नान करने के तर्पण व पिंडदान किया। जबकि कुछ लोग गुरुवार को तर्पण व पिंडदान किया।