
लापरवाह पुलिस अधिकारियों के कारण जिले में क्राइम में हुआ इजाफा
वारदातों के बाद भी मलाईदार पोस्टिंग का मजा ले रहे इंचार्ज
विभागीय कार्रवाई नहीं होने से बेखौफ थे जिम्मेदार
लापरवाह अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर एसपी की गिरने लगी है गाज
[4/14, 2:22 PM] Mohammad Saif Ali Khan:
[4/14, 2:36 PM] Mohammad Saif Ali Khan:
बलिया। अपराध से अब तक शांत रहने वाला बलिया लापरवाह पुलिस अधिकारियों के कारण अपराधियों के क्रूर वार से पिछले कुछ महीनों से कराह रहा है। अपराधिक घटनाएं चाहे किसी तरह की हो, थमने का नाम नहीं ले रही है। यही नहीं बलिया में जो अब तक नहीं हुआ वह भी देखने को मिल रहा है। यानी कि पुलिस चौकी और थानों के गेट तक अपराधिक वारदातें दिनदहाड़े अंजाम दी जा रही है, ऐसी वारदातों को लेकर जिम्मेदार पुलिस अफसरों पर कार्रवाई भी नहीं हो रही है। जिसकी वजह से अपराधियों का पुलिस से भय समाप्त होता दिख रहा है। कानून और व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार इंचार्ज भी तसल्ली से अपनी मलाईदार तैनाती काट रहे हैं और अपराधी बलिया के थानों और पुलिस चौकी पर सरेआम दिल को दहला देने वाली अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का काम कर रहे है। जिसको लेकर आम जनमानस में चर्चा हो रही है कि जब थाने के गेट पर आम आदमी सुरक्षित नहीं है तो जनपद के किस कोने में सुरक्षित रहेगा।मसलन थानों और चौकियों पर हो रही वारदातों को लेकर बलिया में प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि नवागत पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने लापरवाह पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एक्शन लेना शुरू कर दिया है। जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
केस 01:
कोतवाली गेट पर कानूनगो को पीटा
— 07 अगस्त 2024 को शहर कोतवाली के अंदर जाकर अराजकतत्वों ने पहले गाली-गलौज किया फिर कोतवाली गेट के सामने कानूनगो को कोतवाली गेट पर मारापीटा। इस दौरान शहर कोतवाली पुलिस तमाशबीन बनी रही। बाद में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जरूर किया, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। यदि गाली-गलौज के दरम्यान पुलिस सख्ती दिखाती तो कानूनगो की बेरहमी से पिटाई नहीं होती। लेकिन कोतवाली के अंदर बदमाशों के तांडव ने साबित कर दिया कि यहां बदमाश पुलिस से नहीं बल्कि बदमाशों से पुलिस खौफ खाने लगी है।
केस 02:
कोतवाली के सामने धारदार हथियार से की युवक की हत्या

— 20 जुलाई 2024 को बांसडीह कोतवाली गेट के सामने रोहित पांडेय की धारदार हथियार से निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। जबकि घटना के वक्त कोतवाल बांसडीह कोतवाली में मौजूद थे। इतना ही नहीं प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जब बदमाशों द्वारा रोहित पांडेय को धारदार हथियार से हमला किया जा रहा था, पुलिस कर्मियों ने हिम्मत दिखाने के बजाय भाग खड़े हुए थे। यदि उस दिन पुलिस तत्परता दिखाई होती तो आज रोहित पांडेय जिंदा होते।
केस 03:
चौकी के अंदर घुसकर बदमाशों नर मारी थी गोली
-11 मई 2024 को हनुमानगंज चौकी के सामने छात्र नेता शिप्रांत सिंह गौतम पर बदमाशों ने गोलियों की बौछार कर दी थी। इतना ही नहीं शिप्रांत सिंह गौतम जब जान बचाने के लिए चौकी अंदर भागे थे तो बदमाशों ने चौकी के अंदर घुसकर शिप्रांत को गोली मारी थी।



















