
अघोषित बिजली कटौती के विरुद्ध क्रमिक अनशन पर बैठे समाजसेवी
मांग पूरी नहीं होने पर 20 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने की दी चेतावनी
विद्युत विभाग के अधिकारी व ठेकेदार पर लूट खसोट का लगाया आरोप
18 घंटे ग्रामीण व 20 घंटे तहसील में विद्युत आपूर्ति देने का है रोस्टर
बलिया। बैरिया तहसील क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती के विरुद्ध और व रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग को लेकर समाजसेवी दुर्गविजय सिंह झलन व अर्जुन सिंह मंगलवार को तहसील परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठ गए। चेताया कि अगर 19 जुलाई तक मांग पूरी नहीं की गई तो 20 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
[4/14, 2:22 PM] Mohammad Saif Ali Khan:
[4/14, 2:36 PM] Mohammad Saif Ali Khan:
समाजसेवियों ने कहा कि 33 हजार का विद्युत लाइन दीघार से बैरिया होते हुए जयप्रकाश नगर तक बनाने में अधिकारी व ठेकेदार जमकर धन का लूटखसोट किए है। जिसकी जांच की मांग की। कहाकि 33 हजार के बिजली लाइन के नीचे जाली लगनी चाहिए जो नहीं लगी है, उसे तुरंत लगाया जाए। कहाकि 33 हजार के बिजली के लाइन पर लटके पेड़ की टहनियों को काटने का टेण्डर बहुत दिन पहले हो चुका है, लेकिन पेड़ की टहनियां बिजली विभाग के अधिकारी लाइनमैनो से कटवा रहे है। रोस्टर के अनुसार देहात में 18 घण्टे व तहसील मुख्यालय पर 20 घण्टे बिजली देने का प्राविधान है। लेकिन मनमाने तरीके से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। 33 हजार के लाइन के रख-रखाव व मरम्मत के लिए अलग से लाइन मैन नियुक्त किया जाय। जले हुए सभी ट्रांसफार्मरों को 72 घण्टे के अन्दर बदला जाए। विद्युत वितरण खण्ड चार का कार्यालय शासन के मंशा के अनिरूप बैरिया में खोला जाय। यहां तैनात अवर अभियंता मनोज वर्मा को तत्काल हटाया जाए। अनशन पर बैठे दोनों समाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि 19 जुलाई तक सभी मांगों को नहीं मानी गयी तो 20 जुलाई से हम लोग आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। क्रमिक अनशन पर बैठे दुर्गविजय सिंह झलन व अर्जुन सिंह के समर्थन में राजू सिंह, अखिलेश सिंह, गजानन्द सिंह, राजकिशोर सिंह, पवन कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह, दीपक कुमार सिंह, विनोद यादव,विकेश चौबे,राजकुमार साह,सागर सिंह व रविन्द्र सिंह गुड्डू दिनभर अनशन स्थल पर बैठे रहे। इस बीच बिजली के दुर्व्यवस्था से क्षुब्ध बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अनशनकारियों को समर्थन देने की घोषणा की।













