
समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय में आउटसोर्सिंग नियुक्ति पर उठे सवाल, मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत
पांच पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप, जेम पोर्टल की बीड निरस्त कराने से लेकर चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
डीएम ने तीन सदस्यी टीम किया गठित, तीन दिन में रिपोर्ट प्रेषित करने का दिया निर्देश



रिपोर्ट: श्रवण कुमार पांडेय
बलिया। दुमदुमा स्थित समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय में पांच आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए विद्यालय के वरिष्ठ सहायक अरविंद कुमार राम ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी टीम गठित किया है। जिसकी रिपोर्ट तीन दिन में प्रेषित करने का निर्देश दिया है।




शिकायती पत्र के अनुसार, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय दुमदुमा में कुल 10 आउटसोर्सिंग कार्मिकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से पांच पदों पर पूर्व में जेम पोर्टल के माध्यम से बीड प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन किया जा चुका है। शेष पांच पदों पर नियुक्ति को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन के लिए 28 सितंबर 2026 को जेम पोर्टल पर बीड प्रकाशित की गई थी, लेकिन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और विद्यालय के प्रवक्ता रवीन्द्र कुमार ने दबाव बनाकर उनकी आईडी, पासवर्ड और ओटीपी प्राप्त कर बीड निरस्त करा दी। इसके बाद तुलनात्मक आधार पर एल-1 के माध्यम से फर्म का चयन कर लिया गया।


शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सेवायोजन पोर्टल पर विज्ञापन प्रकाशित किए बिना ही पांच कार्मिकों का चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं, चयन प्रक्रिया का अनुमोदन मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित समिति से भी नहीं कराया गया। इसे नियमों के विपरीत बताते हुए उन्होंने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। अरविंद कुमार राम ने मुख्य विकास अधिकारी से शेष पांच आउटसोर्सिंग पदों पर नियमानुसार पारदर्शी तरीके से नियुक्ति कराने का अनुरोध किया है। शिकायत की प्रतिलिपि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के आजमगढ़ मंडल के उपनिदेशक को भी भेजी गई है। इस मामले में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने तीन सदस्य टीम जांच के लिए गठित किया है जिसके लिए एडीएम नमामि गंगे, एसटीओ बलिया एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी बलिया को नामित किया है। इसके साथ ही तीन दिन के अंदर रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा है।